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High Court of Chhattisgarh · body

2006 DAILYLAW 612 (CHH)

MANU AGRAWAL @ HANUMAN Prasad AGRAWAL (DIED) v. STATE OF CHHATTISGARH

CRA/395/2006 · 2026-01-06

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2006

Judgment text

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1 / 8 {Cr. A. No.-395 of 2006} 2026:CGHC:1081 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दाण्डिक अपु ल क्रमां"क -395/2006 1. मांनु अग्रवेल उर्फ. हनुमांनु प्रसदा अग्रवेल (मां1) मांनुनु या न्यायालया क आदाश तिदानु"क-28/08/2024 क अनुसर तिवेल7तिपु , 2. श्री मां कमांल घेल (मां1) द्वार तिवेधि<क वेरिरसनु 2.1 आश ष अग्रवेल तिपु-स्वेगBया हनुमांनु प्रसदा अग्रवेल, उम्र-लगभग 28, तिनुवेस -धिस"ह मांन्शनु क समांनु, शभमां तिवेहर, मां"गल, धिEल–तिलसपुर, छत्ती सगढ़, 3. प्रमां प्रकश तिपु-चन्द्रप्रकश कH वेट, उम्र-लगभग 29, तिनुवेस -ग्रमां भर, थानु-भर, हस ल-भर, धिEल-E"Eग र चम्पु, छत्ती सगढ़ (मांनुनु या न्यायालया क तिनुर्ण.या तिदानु"क-10/03/2025 क अनुसर अपु ल तिनुरक1 ), 4. शMकN उर्फ. शMखी तिपु-पुरदास Eयासवेल, उम्र-लगभग 26, तिनुवेस -ग्रमां भर, थानु-भर, हस ल-भर, धिEल-E"Eग र चम्पु, छत्ती सगढ़ (मांनुनु या न्यायालया क तिनुर्ण.या तिदानु"क-10/03/2025 क अनुसर अपु ल तिनुरक1 ), 5. प्रमां लल तिपु-भरथार कH वेट, उम्र-लगभग 23, तिनुवेस -ग्रमां भर, थानु-भर, हस ल-भर, धिEल-E"Eग र चम्पु, छत्ती सगढ़ (मांनुनु या न्यायालया क तिनुर्ण.या तिदानु"क-10/03/2025 क अनुसर अपु ल तिनुरक1 ), -----अपु लथाBगर्ण POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.01.08 10:34:04 +0530 2 / 8 {Cr. A. No.-395 of 2006} तिवेरूद्घ  छत्ती सगढ़ शसनु, द्वार थानु-भर, धिEल-E"Eग र चम्पु, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा अपु लथाB आश ष अग्रवेल द्वार : श्री अतिमां स7नु , अधि<वेक्ता सह श्री र7हनु शक्ल, अधि<वेक्ता । शसनु/उत्तीरवेदा द्वार : Vक्टर सरन्द्र दावे"गनु, पुWनुल अधि<वेक्ता । मांनुनु या न्यायामांXति. श्री स"Eया क मांर Eयासवेल , न्याया< श !! तिनुर्ण.या पु ठ पुर पुरिर !! 07/01/2026 1. दा प्रतिक्रया स"तिह, 1973 कN <र-374 (2) क ह प्रस् इस दाण्डिक अपु ल मांH तिवेचरर्ण न्यायालया-तिवेशष न्याया< श {अनुसXतिच Eति एवे" अनुसXतिच EनुEति (अत्याचर तिनुवेरर्ण) अधि<तिनुयामां, 1989 क अ"ग. प्रधि<क1 }, तिलसपुर छत्ती सगढ़ द्वार तिवेशष दाण्डिक प्रकरर्ण क्रमां"क-27/2005 “छत्ती सगढ़ शसनु तिवेरूद्घ मांनु अग्रवेल उर्फ. हनुमांनु प्रसदा अग्रवेल वेगWरह” मांH पुरिर तिनुर्ण.या तिदानु"क-27/04/2006 क7 चनुM दा गई हW । धिEसक ह अपु लथाB श्री मां कमांल घेल (मां1) क7 तिनुम्नुनुसर दा7षधिसद्ध कर दाण्डि तिकया गया हW । धिEस आग स"क्षेपु मांH “प्रश्नु< नु तिनुर्ण.या” स स"7धि< तिकया E रह हWg- दा7षधिसतिद्ध दादाश <र-294 भर या दा स"तिह, 1860 03 मांह क सश्रीमां करवेस एवे" 500/- रूपुया क अथा.दा था अथा.दा रतिश अदा नु करनु कN दाश मांH 01 मांह क अतिरिरक्ता सश्रीमां करवेस कN सE स दाण्डि तिकया गया । 3 / 8 {Cr. A. No.-395 of 2006} <र-3( )( ) i x अनुसXतिच Eति एवे" अनुसXतिच EनुEति (अत्याचर तिनुवेरर्ण) अधि<तिनुयामां, 1989 01 वेष. क सश्रीमां करवेस एवे" 500/- रूपुया क अथा.दा था अथा.दा रतिश अदा नु करनु कN दाश मांH 03 मांह क अतिरिरक्ता सश्रीमां करवेस कN सE स दाण्डि तिकया गया । दा7नुh मांXल सEयाH सथा-सथा चलHग । 2. याह उल्लेखीनु या थ्या हW तिक “प्रश्नु< नु तिनुर्ण.या” क ह अपु लथाB श्री मां कमांल घेल (मां1) क7 तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार <र-147, 323 सहपुतिठ <र-149 एवे" 506 भर या दा स"तिह क अपुर< स दा7षमांक्ता तिकया गया हW । 3. अपु ल ल"ति रहनु कN अवेधि< मांH अपु लथाB मांनु अग्रवेल उर्फ. हनुमांनु प्रसदा अग्रवेल था उसकN पुत्नु अपु लथाB श्री मां कमांल घेल कN मां1त्या ह7 Eनु क करर्ण उनुकN अपु ल उपुशतिमां ह7 गई था । त्पुश्च शष अपु लथाBगर्ण, अथा.k प्रमां प्रकश, शMकN उर्फ. शMखी एवे" प्रमां लल क स""< मांH पु1थाक स तिदानु"क 10/03/2025 क7 तिनुर्ण.या पुरिर एवे" घे7तिष तिकया गया, धिEसमांH उनुकN अपु ल स्वे कर कर हlए उनुकN दा7षधिसतिद्ध एवे" दादाश क7 अपुस् कर इस न्यायालया द्वार प्रमां प्रकश, शMकN उर्फ. शMखी एवे" प्रमां लल क7 दा7षमांक्ता तिकया गया । त्पुश्च मां1 अपु लथाB श्री मां कमांल घेल क तिवेधि<क वेरिरसनु आश ष अग्रवेल द्वार आवेदानु प्रस् तिकए Eनु पुर उस श्री मां कमांल घेल क स्थानु पुर पुक्षेकर क रूपु मांH स"या7धिE कर हlए श्री मां कमांल घेल कN अपु ल क तिनुरकरर्ण तिकया E रह हW । 4 / 8 {Cr. A. No.-395 of 2006} 4. अतिभया7Eनु मांमांल स"क्षेपु मांH इस प्रकर हW तिक तिदानु"क-31/12/2003 था 01/01/2004 क मांध्या रतिn मांH नुया वेष. क अवेसर पुर समांदातियाक स्वेस्थ्या क न्द्र, भर, थानु-भर, धिEल-E"Eग र चम्पु क आवेस या पुरिरसर मांH च्चh क स"स्क1 तिक कया.क्रमां चल रह था । Eह" सह-अपु लथाBगर्ण मांनु अग्रवेल उर्फ. हनुमांनु प्रसदा अग्रवेल, प्रमां प्रकश, शMकN उर्फ. शMखी एवे" प्रमां लल शर पु कर आया और नुEदा क आकर र्फटक र्फ7ड़े धिEसकN आवेE हl ज्यादा था । वेह" तिशकयाक. तिचतिकत्सक श्री मां शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) E7 शसकNया तिचतिकत्सक हW और धिEसक पुति तिचतिकत्सक ग7रलल तिमांर (अ०स०-7), ब्लVक मांतिकल ऑतिर्फसर ह7कर तिनुवेसर था । उन्हhनु था वेह" तिनुवेसर आरक्षेक अ"E7र धिस"ह श्री7 (अ०स०-1) वेगWरह नु सह- अपु लथाBगर्ण क7 मांनु तिकया । वेह" नुEदा क मांH ह अपु लथाB श्री मां कमांल दावे घेल E7 तिक सह-अपु लथाB मांनु अग्रवेल उर्फ. हनुमांनु प्रसदा अग्रवेल कN पुत्नु भ सह- अपु लथाBगर्ण क सथा सण्डिम्मांधिल ह7 गई । अपु लथाBगर्ण नु प्रथाB तिचतिकत्सक शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) स कह तिक वेह "र E कर रह हW" था उसपुर झपुट्टा मांर और गदा.नु पुकड़े ल , धिEसस उसक कनु कN दा7नुh धिलया" तिगर गई ।  प्रथाB शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) नु उस ल क7 उठकर दाXसर क7 दा तिदाया । उस समांया, अपु लथाB श्री मां कमांल दावे घेल वेह" आया और प्रथाB तिचतिकत्सक श्री मां शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) क7 कहनु लग तिक "वेह चमांर नु हW, याह" पुर नुच-गनु करकर झगड़े कर रह हW, इस अच्छ स मांर7", याह भ कहनु लग तिक "सनुमां , चमांर क्या ब्लVक मांतिकल ऑतिर्फस ( .एमां.ओ.) कN स ट चलयाHग?”। अपु लथाB मांनु अग्रवेल उर्फ. हनुमांनु प्रसदा अग्रवेल द्वार याह भ <मांकN दा गई तिक वेह एक सल क अ"दार  .एमां.ओ. क स्थानु"रर्ण करवे दाग, वेह अपुनु 7रिरया-तिस्र "<कर रखी ल और उस घेXसकर चम्र मांH मांरग । 5 / 8 {Cr. A. No.-395 of 2006} इस पुर, प्रथाB तिचतिकत्सक श्री मां शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) द्वार थानु मांH प्रदाश. पु -4 कN धिलधिखी तिशकया दा गई धिEसपुर थानु-भर मांH प्रथामां सXचनु पुn प्रदाश. पु -5 कयामां तिकया गया । घेटनुस्थाल क नुक्श प्रदाश. पु -6 Wयार तिकया गया । सतिक्षेयाh क यानु धिलया गया । घेटनु मांH प्रयाक्ता मां7टरसयाकल कN Eब् कN गई । प्रथाB कN Eति प्रमांर्ण पुn कN छयाप्रति Eब् कN गई । तिवेवेचनु पुXर्ण. कर अतिभया7गपुn पुश तिकया गया । 5. अतिभया7Eनु कN ओर स अपुनु पुक्षे समांथा.नु मांH क ल-11 सतिक्षेयाh क पुर क्षेर्ण था 12 दास्वेE प्रदाश. तिचन्ह"तिक करवेया गया । <र-313 दा प्रतिक्रया स"तिह क ह यानु मांH अपु लथाB नु अपुनु तिवेपुर  सतिक्षेयाh क कथानुh क7 इन्कर कर हlए स्वेया" क7 तिनुदाzष ह7नु  हlए कह हW तिक उस झXठ र्फ" सया गया हW । धिEसकN ओर स चवे मांH स्वेस्थ्या तिवेभग, भर मांH कया.र नुस. रनु चMहनु (०स०-1) तिशक्षेकमांB तिदानुश धिस"ह रठMर (०स०-2) था स्वेया" क (०स०-3) क रूपु मांH पुर क्षेर्ण करवेया गया । त्पुश्च उभयापुक्षे क सनु Eकर तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार अपु लथाB क7 इस तिनुर्ण.या कN कण्डिक- 1 क अनुसर दा7षधिसद्ध कर दाण्डि तिकया गया हW । धिEस इस अपु ल मांH चनुM दा गई हW । 6. अपु लथाB क तिवेद्वानु अधि<वेक्ता क क. हW तिक इस न्यायालया द्वार सह-अपु लथाBगर्ण कN अपु ल तिदानु"क 10/03/2025 क7 स्वे कर कर हlए तिनुरक1  कN E चकN हW, धिEसमांH उन्हH भर या दा स"तिह कN <र 294 एवे" तिवेशष अधि<तिनुयामां कN <र 3(1)( ) x क अपुर< स भ दा7षमांक्ता तिकया गया हW । उक्ता तिनुर्ण.या मांH इस न्यायालया द्वार याह स्पुष्ट रूपु स पुया गया हW तिक प्रथाB तिचतिकत्सक श्री मां शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) कN Eति क7 प्रमांतिर्ण करनु मांH अतिभया7Eनु असर्फल रह हW । तिद्वा या आ<र याह रह हW तिक प्रकरर्ण मांH पुरिरतिक्षे समांस् सक्षे प्रथाB तिचतिकत्सक श्री मां शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) था उसक पुति तिचतिकत्सक ग7रलल तिमांर (अ०स०-7) क अ< नु कया.र पुए गए ह|, धिEसक करर्ण 6 / 8 {Cr. A. No.-395 of 2006} स्वे"n सक्ष्या क अभवे रह हW था इस स""< मांH क7ई स्पुष्ट एवे" तिवेश्वेसनु या सक्ष्या उपुलब्< नुह~ हW तिक प्रथाB क सथा तिकस व्यातिक्ता द्वार अश्ल ल अथावे Eति-सXचक गल - गलME कN गई था । ऐस पुरिरण्डिस्थाति मांH, इस न्यायालया द्वार सह-अपु लथाBगर्ण क स""< मांH तिदाया गया उक्ता तिनुष्कष. अपु लथाB श्री मां कमांल घेल क मांमांल मांH भ समांनु रूपु स लगX ह7 हW । अg उसकN अपु ल स्वे कर तिकए Eनु या7ग्या हW था तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार कN गई उसकN दा7षधिसतिद्ध एवे" दादाश क7 अपुस् कर हlए अपु लथाB श्री मां कमांल घेल क7 भ दा7षमांक्ता तिकया Eए । 7. उत्तीरवेदा /शसनु पुक्षे कN ओर स उपुण्डिस्था तिवेद्वानु अधि<वेक्ता नु इस अपु ल क तिवेर7< कर हlए क. तिकया हW तिक अतिभया7Eनु सतिक्षेयाh नु पुXर्ण. रूपु स अतिभया7Eनु मांमांल क समांथा.नु तिकया हW धिEनुपुर अतिवेश्वेस तिकया Eनु क क7ई करर्ण नुह~ हW । तिवेचरर्ण न्यायालया क “प्रश्नु< नु तिनुर्ण.या” सक्ष्या कN उतिच समां क्षे पुर आ<रिर हW । अतिभया7Eनु नु अपु लथाB क तिवेरूद्घ अपुनु मांमांल स"दाह स पुर प्रमांतिर्ण तिकया हW । अपु लथाB पुक्षे द्वार अपु ल मांH उठया गया क. स्वे कर या7ग्या नुह~ हW । अg अपु ल खीरिरE तिकया Eया । 8. उभयापुक्षे क क. सनु गया और अतिभलखी क सXक्ष्मांपुXवे.क पुरिरश लनु तिकया गया । 9. उभयापुक्षे द्वार प्रस् सम्पुXर्ण. अतिभया7Eनु सक्ष्या स याह ण्डिस्थाति स्पुष्ट हW तिक मांमांल कN प्रथाB तिचतिकत्सक श्री मां शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) क पुति तिचतिकत्सक ग7रलल तिमांर (अ०स०-7) समांदातियाक स्वेस्थ्या क न्द्र, भर क  .एमां.ओ. रह हW E7 दा7नुh सथा मांH ह तिनुवेस कर था । उस समांदातियाक स्वेस्थ्या क न्द्र मांH प्रथाB तिचतिकत्सक श्री मां शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) भ कया.र था । पुड़े7स मांH तिनुवेस करनु वेल अ"E7र धिस"ह श्री7 (अ०स०-1) पुधिलस तिवेभग मांH वेरिरष्ठ आरक्षेक हW धिEसकN पुत्नु श्री मां अच.नु श्री7 7 / 8 {Cr. A. No.-395 of 2006} (अ०स०-8) हW E7 तिक समांदातियाक स्वेस्थ्या क न्द्र, भर मांH ह कया.र हW । इ"ग्लश्वेर प्रसदा नुयाक (अ०स०-2), चन्द्रभनु धिस"ह मांWn (अ०स०-3) और मांनुहरर्ण लल चन्द्र (अ०स०-9) भ उस समांदातियाक स्वेस्थ्या क न्द्र, भर मांH कया.र ह| । चवे सक्षे क्रमां"क-3 क रूपु मांH पुरिरतिक्षे अपु लथाB श्री मां कमांल दावे घेल (मां1) भ वेह~ कया.र था । सम्पुXर्ण. सक्ष्या स भ याह स्पुष्ट ह7 हW तिक अपु लथाB श्री मां कमांल दावे घेल क7 तिनुलण्डिम् तिकया गया था, वेह शसकNया आवेस मांH तिनुवेसर रह । श्री मां कमांल घेल क द्वार चवे सक्षे क रूपु मांH प्रदाश. -1 स लकर प्रदाश. -10 क क दास्वेE प्रमांतिर्ण तिकया गया ह|, उनुस याह भ स्पुष्ट ह7 हW तिक शसकNया आवेस क7 रिरक्ता करवेनु क तिवेषया क7 लकर अपु लथाB श्री मां कमांल दावे घेल और प्रथाB क पुति ग7रलल तिमांर (अ०स०-7) क पुXवे. स तिवेवेदा रह । अपु लथाB क7 तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार <र- 147, 323 सहपुतिठ <र-149 एवे" 506 भर या दा स"तिह क अपुर< मांH दा7षमांक्ता भ तिकया गया हW धिEसस याह पुरिरलतिक्षे ह7 हW तिक प्रथाB पुक्षे द्वार मांमांल क7 ढ़-चढ़कर पुश तिकया गया । 10. तिवेचरर्ण न्यायालया क अतिभलखी था इस न्यायालया द्वार सह-अपु लथाBगर्ण क स""< मांH पुरिर तिनुर्ण.या तिदानु"क 10/03/2025 क पुरिरश लनु स याह ण्डिस्थाति स्पुष्ट ह7 हW तिक प्रथाB तिचतिकत्सक श्री मां शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) क क7ई Eति प्रमांर्णपुn तिवेधि<वे प्रमांतिर्ण नुह~ करया गया हW था उसकN Eति प्रमांतिर्ण नुह~ पुया गई हW । याह भ पुया गया हW तिक प्रकरर्ण मांH स्वे"n सक्ष्या क अभवे रह हW । प्रथाB तिचतिकत्सक श्री मां शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) क कथानु क अतिरिरक्ता तिकस अन्या सक्षे द्वार इस स""< मांH क7ई स्पुष्ट कथानु नुह~ तिकया गया हW तिक अपु लथाB श्री मां कमांल घेल नु तिकस, क्या गल दा था । चX„तिक प्रथाB क कथानु तिकस स्वे"n सक्ष्या द्वार पुष्ट नुह~ हW था चवे सक्ष्या क रूपु मांH 8 / 8 {Cr. A. No.-395 of 2006} अपु लथाB श्री मां कमांल घेल क कथानु एवे" उसक द्वार प्रस् तिकए गए दास्वेE प्रदाश. -1 स प्रदाश. -10 क स याह ण्डिस्थाति स्पुष्ट ह7 हW तिक अपु लथाB श्री मां कमांल घेल तिनुल"ति कN गई था , E7 प्रथाB तिचतिकत्सक श्री मां शतिशकल तिमांर (अ०स०-6) क पुति क अ< नु कया.र था । शसकNया आवेस क7 रिरक्ता करए Eनु क स""< मांH प्रथाB क पुति एवे" अपु लथाB श्री मां कमांल घेल क मांध्या अनुक पुnचर हlए था, धिEसक करर्ण उनुक  च मांनुमांटवे एवे" तिवेवेदा कN ण्डिस्थाति तिवेद्यमांनु था । ऐस पुरिरण्डिस्थाति मांH, E प्रथाB क कथानुh क7 तिकस स्वे"n सक्ष्या स समांथा.नु प्रप्त नुह~ हlआ हW,  अपु लथाB श्री मां कमांल घेल कN दा7षधिसतिद्ध उतिच नुह~ पुया E था “प्रश्नु< नु तिनुर्ण.या” ण्डिस्थार रखी Eनु या7ग्या नुह~ पुया E । 11. अg श्री मां कमांल घेल कN अपु ल स्वे कर कN E हW । उसकN दा7षधिसतिद्ध वेल “प्रश्नु< नु तिनुर्ण.या” अपुस् तिकया E हW था अपु लथाB श्री मां कमांल घेल क7 स"दाह क लभ दा हlए उनु अपुर<h स दा7षमांक्ता तिकया E हW । 12. तिनुर्ण.या कN प्रति क सथा तिवेचरर्ण न्यायालया क7 मांXल अतिभलखी आवेश्याक कया.वेह ह सXचनुथा. एवे" पुलनुथा. श घ्रपुXवे.क वेपुस प्रतिष ह7 । सह /- (स"Eया क मांर Eयासवेल) न्याया< श पु7मांनु