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High Court of Chhattisgarh · body

1937 DAILYLAW 1 (CHH)

RAVINDRA KUMAR CHANDEL v. BALRAM PUROHIT

CRMP/1937/2024 · 2026-02-10

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body1937

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 6 (Cr. M. P. No.-1937 of 2024) 2026:CGHC:7553 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क्रमां%क -1937 /2024  रतिवेन्द्र क मांर च%दाल, तिपु–स्वेग2या रमांपुल च%दाल, उम्र लगभग 72 वेर्ष", ति6वेस –शं%कर 6गर वे", रमां सप्ताह च:क, भटापुर, था6–भटापुर सिसटा , सि>ल–ल:दा>र- भटापुर (छत्ती सगढ़); वे"मां6 ति6वेस–%धवेपुर, भ%र प्लDटा, फे >– , II सरक% , हस ल एवे% सि>ल–तिलसपुर (छत्ती सगढ़)। -----यातिचकक"/पुरिरवेदा तिवेरूद्घ 1. लरमां पुरKतिह, तिपु–हर रमां पुरKतिह, उम्र लगभग 61 वेर्ष", ति6वेस –शं%कर वे", रमां सप्ताह च:क, भटापुर, सि>ल–ल:दा>र-भटापुर (छत्ती सगढ़)। 2. आयार्ष पुरKतिह, तिपु–लरमां पुरKतिह, उम्र लगभग 28 वेर्ष", ति6वेस –शं%कर वे", रमां सप्ताह च:क, भटापुर, सि>ल–ल:दा>र-भटापुर (छत्ती सगढ़)। 3. अतिभर्ष पुरKतिह, तिपु–लरमां पुरKतिह, उम्र लगभग 26 वेर्ष", ति6वेस –शं%कर वे", रमां सप्ताह च:क, भटापुर, सि>ल–ल:दा>र-भटापुर (छत्ती सगढ़)। 4. आशं र्ष पुरKतिह, तिपु–कO लशं पुरKतिह, उम्र लगभग 40 वेर्ष", ति6वेस –शं%कर वे", रमां सप्ताह च:क, भटापुर, सि>ल–ल:दा>र-भटापुर (छत्ती सगढ़); पुर्ष"दा, वे" क्रमां%क–11, शं%कर वे", भटापुर। 5. रमां> उफे" र>न्द्र >Kशं , तिपु–स .एस. >Kशं , उम्र लगभग 53 वेर्ष", ति6वेस –शं%कर वे", रमां सप्ताह च:क, भटापुर, सि>ल–ल:दा>र-भटापुर (छत्ती सगढ़)। 6. सRर> गप्ता, तिपु–मांRलच%दा गप्ता, उम्र लगभग 30 वेर्ष", ति6वेस –शं%कर वे", रमां सप्ताह च:क, भटापुर, सि>ल–ल:दा>र-भटापुर (छत्ती सगढ़)। POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.02.16 17:40:53 +0530 2 / 6 (Cr. M. P. No.-1937 of 2024) 7. दावेशं गप्ता, तिपु–दागSशं गप्ता, उम्र लगभग 29 वेर्ष", ति6वेस –शं%कर वे", रमां सप्ताह च:क, भटापुर, सि>ल–ल:दा>र-भटापुर (छत्ती सगढ़)। 8. कT ष्र्ण क मांर %सल, तिपु–सखी रमां %सल, उम्र लगभग 62 वेर्ष", ति6वेस –शं%कर वे", रमां सप्ताह च:क, भटापुर, सि>ल–ल:दा>र-भटापुर (छत्ती सगढ़)। -----प्रत्याथा2गर्ण/अतिभयाक्तगर्ण यातिचकक"/पुरिरवेदा द्वार : श्री प्र%>ल अग्रवेल, असिधवेक्त । प्रत्याथा2गर्ण/अतिभयाक्तगर्ण द्वार : श्री तिवे>या शं%कर तिमांश्री, असिधवेक्त । मां66 या न्यायामांRति" श्री स%>या क मांर >यासवेल , न्यायाध शं !! आदाशं पु ठ पुर पुरिर !! 11/02/2026 1. भर या 6गरिरक सरक्षा स%तिह, 2023 क धर 528 क अ%ग" प्रस् इस यातिचक मांa, पु6र क्षार्ण न्यायालया–अपुर सत्र न्यायाध शं (एफे.टा .स .), भटापुर, सि>ल– ल:दा>र-भटापुर (छत्ती सगढ़) द्वार दाण्डिक पु6र क्षार्ण क्रमां%क 34/2023, “रतिवेन्द्र क मांर च%दाल तिवेरुद्ध लरमां पुरKतिह वेगOरह” मांa पुरिर आदाशं तिदा6%क 29/02/2024 कK च6: दा गई हO । उक्त आदाशं क मांध्यामां स पु6र क्षार्ण न्यायालया 6 तिवेचरर्ण न्यायालया–न्यातियाक मांसि>स्टाiटा प्रथामां श्रीर्ण , भटापुर द्वार दाण्डिक प्रकरर्ण क्रमां%क 345/2023, “रतिवेन्द्र क मांर च%दाल तिवेरुद्ध लरमां पुरKतिह वेगOरह” मांa पुरिर आदाशं तिदा6%क 14/06/2023 क पुतिj क था , सि>सक द्वार यातिचकक"/पुरिरवेदा द्वार प्रस् धर 200 दा प्रतिक्रया स%तिह क पुरिरवेदा ति6रस् कर तिदाया गया था । 2. पुरिरवेदा रतिवेन्द्र क मांर च%दाल क पुरिरवेदा स%क्षापु मांa इस आशंया क हO तिक भटापुर, सि>ल– ल:दा>र ण्डिस्था 6>Rल प्लDटा क्रमां%क 12-अ, 44/1, प्लDटा क्रमां%क 73/1, क्षात्रफेल 3 / 6 (Cr. M. P. No.-1937 of 2024) लगभग 1200 वेग"फे टा पुर ति6तिमां" मांक6 क मांRल स्वेमां हरिररमां पुरKतिह था । उसक मांTत्या क पुश्च उक्त स%पुसित्ती गल ई क 6मां दा>" हlई । गल ई क मांTत्या उपुर% कमांल दावे , 6मां ई उफे" ति6मां"ल, तिमांसिथाल दावे एवे% लरमां पुरKतिह क 6मां दा>" हlए था उ6क मांध्या %टावेर हlआ, सि>समांa कसिथा मांक6 6मां ई उफे" ति6मां"ल क तिहस्स मांa आया । पुरिरवेदा क अ6सर, वेह वेर्ष" 1985 स गल ई स उक्त मांक6 तिकरया पुर लकर ति6वेस कर रह था था गल ई एवे% 6मां ई क सवे-दाखीभल कर था । कसिथा रूपु स स%j हKकर 6मां ई उफे" ति6मां"ल 6 %टावेर मांa प्रप्ता उक्त स%पुसित्ती पुरिरवेदा क 6मां वेस या कर दा । तिदा6%क 19/06/2021 कK पुरिरवेदा क अ6पुण्डिस्थाति मांa अतिभयाक्तगर्ण 6 मांक6 क ल Kड़कर अतिचर तिकया था लगभग ₹6-7 लखी मांRल्या क स%पुसित्ती ल गए । इस स%%ध मांa पुरिरवेदा 6 धर 156(3) दा प्रतिक्रया स%तिह क अ%ग" आवेदा6 प्रस् कर धर 147, 451, 379, 427, 406 एवे% 120- भर या दा स%तिह क अ%ग" अपुरध दा>" कर6 क ति6दाSशं दा6 क ति6वेदा6 तिकया । तिवेचरर्ण न्यायालया 6 आदाशं तिदा6%क 13/01/2022 द्वार याह पु हlए तिक तिवेवेदा व्यावेहर प्रकT ति क हO था पुरिरवेदा 6 कसिथा वेस या या स्वेतिमांत्वे क कKई दास्वे> प्रस् 6हq तिकया हO, ण्डिल्क स्वेया% कK तिकरयादार या हO, था पुसिलस द्वार पु%च6मां कया"वेह कर समां6 ति6कल >6 क उल्लेखी हO—धर 156(3) क आवेदा6 ति6रस् कर तिदाया । 3. त्पुश्च पुरिरवेदा 6 धर 200 दा प्रतिक्रया स%तिह क अ%ग" पुरिरवेदा प्रस् तिकया । प्रर%तिभक सक्ष्या दा>" तिकए गए था पुसिलस प्रतिवेदा6 प्रप्ता तिकया गया । तिदा6%क 14/06/2023 कK आदाशं पुरिर कर पुरिरवेदा ति6रस् कर तिदाया गया तिक पुसिलस >%च मांa अपुरध क थ्या पुरिरलतिक्षा 6हq हlए था तिवेवेदा व्यावेहर प्रकT ति क हO । 4 / 6 (Cr. M. P. No.-1937 of 2024) 4. उक्त आदाशं क तिवेरुद्ध दायार पु6र क्षार्ण कK पु6र क्षार्ण न्यायालया 6 आदाशं तिदा6%क 29/02/2024 द्वार याह कह हlए ति6रस् तिकया तिक पुरिरवेदा 6 6 K वेस या6मां क आधर पुर स्वेतिमांत्वे क प्रथामांदृjया सक्ष्या प्रस् तिकया और 6 ह तिकरयादार क कKई दास्वे> । सथा ह याह भ पुया गया तिक व्यावेहर वेदा क्रमां%क 29-अ/2021 व्यावेहर न्यायालया, भटापुर मांa ल%ति हO और तिवेवेदा मांRलx व्यावेहर प्रकT ति क हO । अx तिवेचरर्ण न्यायालया क आदाशं मांa कKई अवेOध या अशंद्ध 6 पु हlए पु6र क्षार्ण खीरिर> कर तिदाया गया । 5. यातिचकक"/पुरिरवेदा क तिवेद्वा6 असिधवेक्त क क" हO तिक अतिभलखी मांa उपुलब्ध समांग्र स अपुरध पु%> द्ध तिकए >6 ह पुया"प्ता आधर तिवेद्यमां6 था, थातिपु तिवेचरर्ण न्यायालया था पु6र क्षार्ण न्यायालया द्वार पुरिरवेदा कK ति6रस् कर तिदाया गया । याह भ क" तिकया गया तिक पुरिरवेदा क अ6पुण्डिस्थाति मांa अतिभयाक्तगर्ण द्वार मांक6 क ल Kड़कर उसमांa रखी समांग्र क सथा छड़छड़ क गई । ऐस ण्डिस्थाति मांa पुरिरवेदा क ति6रस् करर्ण तिवेसिध एवे% न्याया क सिसद्ध%{ क प्रतिकR ल हO । अx तिवेचरर्ण न्यायालया था पु6र क्षार्ण न्यायालया द्वार पुरिर प्रश्6ध 6 आदाशं ण्डिस्थार रखी >6 याKग्या 6हq ह} और उन्हa अपुस् कर हlए प्रत्याथा2गर्ण/ अतिभयाक्तगर्ण क तिवेरुद्ध दाण्डिक कया"वेह प्रर%भ तिकए >6 क आदाशं पुरिर तिकया >ए । 6. प्रत्याथा2गर्ण/अतिभयाक्तगर्ण क तिवेद्वा6 असिधवेक्त क क" हO तिक पुरिरवेदा क कसिथा स%पुसित्ती पुर 6 K कKई स्वेतिमांत्वे हO और 6 ह उसक तिवेसिधसम्मां आसिधपुत्या रह हO । प्रस् पुरिरवेदा मांa तिकस दा6 या अपुरध क आवेश्याक त्वे पुरिरलतिक्षा 6हq हK । पुसिलस प्रतिवेदा6 क अ6सर मांक6 ल% समांया स खील एवे% >>"र अवेस्था मांa था । अतिभयाक्तगर्ण क आवेदा6 पुर पुसिलस द्वार पु%च6मां Oयार कर कया"वेह क गई था वेह% पुई गई समांग्र कK सरतिक्षा 5 / 6 (Cr. M. P. No.-1937 of 2024) रखी गया । अx उ6क तिवेरुद्ध कKई आपुरसिधक त्वे पुरिरलतिक्षा 6 हK6 स तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार पुरिरवेदा ति6रस् तिकया >6 उतिच हO । पु6र क्षार्ण न्यायालया क आदाशं भ यातिक्तस%ग हO । इस प्रकर यातिचकक"/पुरिरवेदा क यातिचक स्वे कर तिकए >6 याKग्या 6हq हO । अx याह यातिचक ति6रस् क >ए । 7. उभयापुक्षा क क" श्रीवेर्ण तिकया गया था अतिभलखी क पुरिरशं ल6 तिकया गया । 8. अतिभलखी क पुरिरशं ल6 स याह स्पुj हK हO तिक कसिथा स%पुसित्ती मांRलx हरिररमां पुरKतिह क 6मां दा>" था । उसक मांTत्या क पुश्च वेह गल ई क 6मां दा>" हlई था उसक मांTत्या उपुर% उ6क पुत्र{ क मांध्या %टावेर स%पुन्न हlआ । उक्त स%पुसित्ती कK लकर उभयापुक्षा क मांध्या व्यावेहर वेदा ल%ति हO । स्वेया% पुरिरवेदा क कथा66सर यातिदा वेह वेस या6मां क आधर पुर स्वेतिमांत्वे क दावे कर हO, K उसक ति6रकरर्ण व्यावेहर न्यायालया द्वार ह तिकया >6 उपुयाक्त हO । इस प्रकर, यातिदा वेह तिकरयादार क रूपु मांa असिधकर क दावे कर हO, K वेह तिवेवेदा भ व्यावेहर न्यायालया क असिधकर क्षात्र मांa आ हO । >ह% क पुरिरवेदा क अ6पुण्डिस्थाति मांa मांक6 क ल Kड़कर समां6 हटाए >6 क प्रश्6 हO, पुसिलस प्रतिवेदा6 स याह पुरिरलतिक्षा हK हO तिक तिदा6%क 19/06/2021 कK था6 प्रभर , भटापुर शंहर द्वार पु%च6मां Oयार तिकया गया था । प्रतिवेदा6 क अ6सर स%पुसित्ती क एक भग मांa पुरिरवेदा तिकरयादार क रूपु मांa रह था, तिक%  लगभग दाK वेर्ष€% स वेह मांक6 खील कर चक था था क छ समां6 दा मांa ल >6 क  कहकर 6हq ल गया था । प्रत्याथा2गर्ण/अतिभयाक्तगर्ण क तिशंकया पुर पुसिलस द्वार पु%च6मां Oयार कर तिवेसिधवे ल खीKल गया था वेह% पुई गई समांग्र कK पुTथाक रूपु स सरतिक्षा रखी तिदाया गया, सि>स पुरिरवेदा दा मांa ल6 भ 6हq आया । 6 / 6 (Cr. M. P. No.-1937 of 2024) 9. M. P. No.-1937 of 2024) 9. इस प्रकर, अतिभलखी मांa उपुलब्ध समांस् थ्या एवे% पुरिरण्डिस्थातिया{ कK दृतिjग रखी हlए, याह न्यायालया पु हO तिक तिवेचरर्ण न्यायालया और पु6र क्षार्ण न्यायालया द्वार पुरिर "प्रश्6ध 6 आदाशं" मांa कKई अवेOध अथावे अशंद्घ पुरिरलतिक्षा 6हq हK हO । इससिलए उसमांa हस्क्षापु तिकए >6 क आवेश्याक 6हq पुई > । अx याह यातिचक खीरिर> क > हO । 10. रसि>स्टाi कK ति6दाSतिशं तिकया > हO तिक इस आदाशं क प्रति याथाशं घ्र तिवेचरर्ण न्यायालया कK सRच6था" प्रतिर्ष तिकया >ए । 11. उपुरKक्त6सर, इस दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क ति6रकरर्ण तिकया > हO । सह /- (स%>या क मांर >यासवेल) न्यायाध शं पुKमां6