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संपवत्तयों और जि ्तित ा अन्तरण.- धतसड। प्रातत्त कित कसी भी धानन डें िन्धधाधाष्ट कित कसी ेाध कअ ोदन वअ पार भी, कमकाननपायध, इस िननयन व।ड कअ सपाेलनों कद प्रभााी करन वअ कअ शकए राज्। सरकार क सकाो सअ, ऐसअ यन वेलनन वों रर िधों पार, जद आयअिों डें धायन वियधाष्ट क जा।ें, राजसथान व धाश् ाधाद्द।ाक। ।ा कित कसी भी िन्। धाश् ाधाद्द।ाक। सअ इस धाश् ाधाद्द।ाक। कद यन वमन वशकितध कअ िलधर कअ शकए ऐसअ आयअि कर सकअगा, जद आाश्।क सडझअ जा।ें- (क) कद भी िननकारी, िध्।ापाक, कडधा्ारी ।ा सअाक, (त) इस धाश् ाधाद्द।ाक। क िननकाररधा ााकअ िअत्र डें जसथध कद भी जलगड ।ा सथाार सलपाधत्त ।ा ससडें कअ कद भी िननकार ।ा िोध, रर (ग) प्राप्ध, प्रदद्दभरध ।ा ा्न वेद्दन कद भी यन वनन, िन वमयान व, िलियान व, सलयान व, सोा।धा ।ा सपाकतयध Hkkx 4 ¼d½ jktLFkku jkt&i=] Qjojh 26] 2019 57¼39½ 39