Bare ActsThe Press or Pustak Ragistrikaran Adhiniyam,1867

Section 23

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[ नि रसि त । ] प्रेि और पुस् तक रष्ज स् ेीकरण अधि नि यम, 1867 ( 1867 का अधि नि यम संख यांक 25 ) [22 म चनव,1867] मुिण लयों ता िम चन रप्ों के िर् नि यमि के सल ए 2(भ रत ) में मुद्रि त पुस् तकों 3(ता िम चन रप्ों ) की प्रनत यों के परर रक्षण ता ऐिीे पुस् तकों 3(ता िम चन रप्ों ) के रष्ज स् ेीकरण के सल ए अधि नि यम --------------------------------------------------------------------------------------- 1 भ रतीेय िंक्षक्ष प् त ि म अधि नि यम, 1897(1897 क 14) द्र् र िंक्षक्ष प् त ि म द्रद य गय । उदेश यों और क रणों के काि के सल ए देणण ए भ रत क र जप् (अंग्रेजीे) 1867,पृष् . 191 और क उंसि ल में प्रकि य के सल ए देणण ए भ रत क र जप्(अंग्रेजीे) अिुप.रक पृष् . 72,156 और 299. यह अधि नि यम िर् धि स् ा िीेय िर् स् त र अधि नि यम,1874(1874 क 15) की ि र 3 द्र् र अिुि.धचन त ष्ज लों के सि र् य भ रत के िभीे प्रदेिों में प्रर्ृत कक ए ज िे के सल ए घोिष त कक य गय । इिे िंा ल परगि ज िेद्र. लमें. रेगुलेिि (1872 क 3) की ि र 3 द्र् र िंर् ल परगि को, णों मल ि ल ज रेगुलेिि,1936(1936 क 4) की ि र 3 और अिुि.चनीे द्र् र णों मल ि ष्ज ले को और अंगुल ल ज रेगुलेिि,1936(1936 क 5) की ि र 3 और अिुि.चनीे द्र् र अंगुल ष्ज ले को ल ग. कक य गय । 1962 के िर् नि यम िं. 12 की ि र 3 और अिुि.चनीे द्र् र गोर् ,दमि और दीर् को, 1963 के िर् नि यम िं. 6 की ि र 2 और अिुि.चनीे 1 द्र् र (1-7-1965 िे) द दर और ि गर हर्ेली की और 1963 के िर् नि यम िं. 7 की ि र 3 और अिुि.चनीे 1 द्र् र (1-10-1963 िे) प ंड चनेरी पर इिक िर् स् त र कक य गय । इिे सि ड्य.ल ड ष्स् े त .ि ऐत .,1874(1874 क 14) की ि र 3(क) के अिीेि अधि ि.चनि द्र् र नि म् िसल णण त अधि ि.धचन त ष्ज लों को ल ग. कक य गय , अा वत:- पें. र ज् यक्षे्, देणण ए भ रत क र जप्(अंग्रेजीे), 1887 भ ग 1 पृष् .(144 पें. अब अिुि.धचन त ष्ज ल िहीं रह गय है और ब म् बे प्रेसि ेंिीे के ि सि क ष्ज ल में प्रर्ृतत िभीे अधि नि यसम नत यों और उिमें िे 1867 को अधि नि यम िंख य ंक 25 अब इि र ज् यक्षे् में प्रर्ृतत है) देणण ए पें. ल ज ऐत ., 1894(1894 क ब ं0 ऐत . 2) : पेरर म द्र्ीेप, देणण ए भ रत क र जप् (अंग्रेजीे)भ ग 1 पृष् . 5, जलप ईगुडीे ष्ज ल क र्ह भ ग जो पहले जलप ईगुडीे उपणं क भ ग,य और अब जलप ईगुडीे ष्ज ल के पष्श चन मीे प्रभ ग क भ ग है और उिक िर् स् त र तीेस् त िदी के िुद.र प.र्व द ष्जवसलं ग ष्ज ल में तीेस् त िदी के पष्श चन मीे प. र, द ष्जवसलं ग तर ई, द ष्जवसलं ग ष्ज ल क ैमिि उपणं हज री ब ग ष्ज ल , लोह र ग (जो अब र ंचनीे ष्ज ल कह ज त है , देणण ए कलकतत र जप्(अंग्रेजीे), 1899 भ ग 1 पृष् . 44 ) और म िभ.म औंर सिं हभ.म ष्ज ल में परगि ढ लभ.म और कोल हि देणण ए भ रत क र जप्(अंग्रेजीे) 1881, भ ग 1 पृष् . 74 और 504,जलप ईगु ीे ष्ज ल क पष्श चन मीे दुश्र ि देणण ए भ रत क र जप् (अंग्रेजीे), 1910 भ ग, पृष् . 1160 ; कुम य.ं और गढ़र् ल ष्ज ले, देणण ए भ रत क र जप्(अंग्रेजीे) 1876 भ ग 1, पृष् . 605: सम ज वपुर ष्ज ल क अिुि.धचन त प्रभ ग देणण ए भ रत क र जप्(अंग्रेजीे) 1879 भ ग 1, पृष् . 383 : देहर द.ि ष्ज ल में जौिि र ब बर परगि देणण ए भ रत क र जप्(अंग्रेजीे) 1897 भ ग: 1 पृष् . 382: क मरूप,िर्ग ंर्, द रंग,सि र्ि गर,लणीेमपुर,ग् ल लप ड (प.र्ी दुश्र त छोडकर) और कछ र(उततरी कछ र पह डड य ं को छोडकर) ष्ज ल देणण ए भ रत क र जप्(अंग्रेजीे) 1897 भ ग 1, पृष् . 533: गोरी पह डड यों ,ण िीे और जयंनत य पह डड य ं,ि ग पह डड य ं, कछ र ष्ज लों में उततर कछ र पह डड य ं और ग् र् लप ड ष्ज ल में प.र्ी दुश्र िव देणण ए भ रत क र जप्(अंग्रेजीे) 1897 भ ग 1, पृष् . 299: सि ड्य.ल ड ष्स् े त यि ऐत .,1874(1874 क 14) की ि र 3 (बीे) के अिीेि अधि ि.चनि द्र् र अधि ि.धचन त कक य गय कक पंज ब में ल हौल के अिुि.धचन त ष्ज ल में यह प्रर्ृतत िहीं है, देणण ए भ रत क र जप् (अंग्रेजीे)1886 भ ग 1,पृष् . 301: सि ड्य.ल ड ष्स् े त यि ऐत ., 1874(1874 क 14) की ि र के अिीेि अधि ि.चनि द्र् र इिक िर् स् त र आगर प्रदेि के तर ई ष्ज ल पर कक य गय देणण ए भ रत क र जप्(अंग्रेजीे) ए 1876 भ ग 1, पृष् . 506,ष्ज ल क. गव पर कक य गय ,देणण ए भ रत क र जप्(अंग्रेजीे) 1876 भ ग 2,पृष् . 1730 । बर र ल ज ऐत ., 1941 (1941 क 4 ) द्र् र इिक िर् स् त र बर र पर कक य गय । नि म् िसल णण त को ल ग. कक ए ज िे में इिक िंिोिि कक य गय है:- 1960 के आंध्र ऐत . द्र् र आंध्र: 1948 के मि ि ऐत . 24 और 1960 के ऐत . 14 द्र् र मि ि: और 1942 के पंज ब ऐत . 14, 1950 के ऐत . 25 और 1957 के ऐत . 15 द्र् र पंज ब ।

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