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फरार व्यम्ततयों के सभर्न्ि में शम्ततयाुँ - - यदद यथाक्स्थनत राज्य सरकार या िारा 36 की उपिारा (1) या उपिारा (2) में विननददबष्ट क्रकसी अधिकारी के पास यह विश्िास करने का कारण हो क्रक क्जस व्यक्तत के सम्र्न्ि में ननरोि आदेश क्रकया गया है िह फरार हो गया है, अपने को नछपा रहा है या क्जससे उस आदेश का ननष्पादन नहीं हो सकता तो यथाक्स्थनत राज्य सरकार या ऐसा अधिकारी - - (क) उस तथ्य की ललखित ररपोटब उस प्रथम िगब न्यानयक मक्जस्रेट को देगा जो उस स्थान पर अधिकाररता रिता हो जहााँ उतत मामूली तौर ननिास करता हो; और तर् दण्ड प्रक्रिया संदहता, 1973 (1974 का सं. 2) की िारा में उसी प्रकार लागू होगे मानो क्रक उसे ननरुद्ि करने के ननदेश देने िाला आदेश मक्जस्रेट द्िारा जारी क्रकया गया िारण्ट हो; (ि) राजपत्र में अधिसूधचत आदेश द्िारा उस व्यक्तत को ननदेश दे सकेगा क्रक िह ऐसे अधिकारी के समि, ऐसे स्थान पर तथा ऐसी कालािधि के भीतर, जैसा क्रक आदेश में विननददबष्ट क्रकया जाय, हाक्जर हो; और यदद उतत व्यक्तत ऐसे आदेश का अनुपालन करे तो जर् तक िह यह साबर्त न कर दे क्रक उसके ललए सम्भि नहीं था क्रक िह उसका अनुपालन करे और यह क्रक उसने, आदेश में िखणबत अधिकारी को उसमें विननददबष्ट कालािधि के भीतर, उस कारण की, क्जससे उसका अनुपालन असम्भि हो गया था तथा अपने पते-दठकाने की सूचना दे दी थी, िह कारािास से, क्जसकी अिधि तीन िषब तक की हो सकेगी, या जुमाबने से या दोनों से दण्डनीय होगा ।