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अपील - - (1) िारा 11, 12 या 13 के अिीन क्रकये गये क्रकसी आदेश से व्यधथत कोई भी व्यक्तत, ऐसे आदेश की तारीि से तीन ददन के भीतर, राज्य सरकार को अपील कर सकेगा । (2) इस िारा के अिीन अपील उस आदेश के, क्जसके क्रक विरुद्ि अपील की गई है, सम्र्न्ि में आपवर्त् के आिार पर संिेप में देते हुए ज्ञापन के रूप में की जाएगी और उसके साथ उसकी प्रमाखणत प्रनतललवप संलग्न की जायेगी । (3) ऐसी अपील के प्राप्त होने पर, राज्य सरकार, अपीलाथी को या तो व्यक्ततश: या क्रकसी विधि व्यिसायी के द्िारा सुने जाने का युक्ततयुतत अिसर देने तथा ऐसी और जाच यदद कोई हो, जैसी क्रक िह आिश्यक समझे, करने के पश्चात् उस आदेश की क्जसके क्रक विरुद्ि अपील की गई है, पुक्ष्ट कर सकेगी या उसमें फेरफार कर सकेगी या उसे वििक्ण्डत कर सकेगी 12 परन्तु, िह आदेश क्जसके विरुद्ि अपील की गई है, जर् तक क्रक राज्य सरकार अन्यथा ननदेश न दे, अपील का ननपटारा होने तक प्रितबन में रहेगा । (4) इस िारा के अिीन अपील के ललये उपर्क्न्ित तीस ददन की कालािधि की संगणना करने में उस आदेश की, क्जसके क्रक विरुद्ि अपील की गयी है, प्रमाखणत प्रनत ददये जाने के ललये ललया गया छोड ददया जायेगा । 16 कनतपय मामलों में पाररत आदेश की अंनतमता : िारा 11, 12 या 13 के अिीन या राज् य सरकार द्िारा िारा 16 के अिीन पाररत क्रकया गया कोई आदेश क्रकसी न् यायालय में ननम् नललखित आिारों पर ही प्रश् नगत क्रकया जाएगा, अन् यथा नहीं – (एक) यह क्रक क्जला मक्जस् रेट ने िारा 15 की उपिारा (1) में दी गयी प्रक्रिया का अनुसरण नहीं क्रकया था या (दो) यह क्रक क्जला मक्जस् रेट के समि ऐसी कोई सामग्री नहीं थी क्जस पर िह आदेश आिाररत कर सकता था या (तीन) यह क्रक क्जला मक्जस् रटे की यह राय नहीं थी क्रक सािीगण उस व् यक्तत के विरूद्ि क्जसके के संर्ंि में िारा 12 के अिीन आदेश पाररत क्रकया गया था, िुलेआम साक्ष् य देने हेतु आगे आने के ललए रजामंद नहीं थे । 17 व्यम्तत द्वारा म्जला आदद ि छोड़िे पर तथा हटाये जािे के पश्चात् उसके द्वारा उसमें प्रवेश करिे पर प्रकक्रया - - यदद कोई व्यक्तत,क्जसे क्रकसी क्जले या उसके भाग या ऐसे िेत्र तथा उसके समीपस्थ क्रकसी क्जले या क्जलों या उसके/उनके क्रकसी भाग से हट जाने का ननदेश िारा 11, 12 या 13 के अिीन जारी क्रकया जा चुका हो - - (एक) ननदेलशत क्रकये गये अनुसार नहीं हट जाता है; या (दो) इस प्रकार हट जाने पर, िारा 19 में यथा उपर्क्न्ित ललखित अनुज्ञा के लसिाय, यथामक्स्थनत क्जले या उसके भाग या उसके समीपस्थ क्रकसी क्जले या क्जलों या उसके/उनके क्रकसी भाग में, आदेश में कालािधि के भीतर प्रिेश करता है; तो क्जला मक्जस्रेट उसे धगरफ्तार करिा सकेगा और पुललस अलभरिा में उसे ऐसे िेत्र के र्ाहर ऐसे स्थान को, क्जसे क्जला मक्जस्रेट प्रत्येक मामले में विननददबष्ट करे, हटिा सकेगा ।