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अपराि करिे के सलए आमादा व्यम्ततयों का हटाया जािा - - जर् कभी क्जला मक्जस्रेट को यह प्रतीत हो क्रक - - (क) क्रकसी व्यक्तत के आने-जाने या कायों से मानि शरीर या सम्पवर्त् को संत्रास, ितरा या अपहाननकाररत हो रही है, या ऐसा आना-जाना या कायब ऐसा संत्रास, ितरा या अपहाननकाररत करने के ललए प्रकक्ल्पत है; या (ि) यह विश्िास करने के ललए युक्ततयुतत कारण हैं क्रक ऐसा व्यक्तत क्रकसी ऐसे अपराि के, क्जसमें र्ल या दहंसा अन्तिबललत है, या भारतीय दण्ड संदहता, 1860 (1860 का सं. 45) के अध्याय 12, 16 या 17 या उसकी िारा 506 या 509 के अिीन दण्डनीय क्रकसी अपराि के करने में या ऐसे क्रकसी अपराि के दुष्प्रेरण में संलग्न होने को आमादा है और जर् क्जला मक्जस्रेट की राय में, ऐसे व्यक्तत के विरुद्ि सािीगण अपने शरीर या समपवर्त् की सुरिा के र्ारे में उसकी ओर से आशंका होने के कारण, िुले आम साक्ष्य देने हेतु आगे आने के ललए रजामंद नहीं है; या (ग) क्रकसी आप्रिासी के लगातार ननिास से क्रकसी महामारी का प्रादुभाबि होना संभाव्य है; तो क्जला मक्जस्रेट उस पर सम्यक् रूपेण तामील क्रकये गये ललखित आदेश द्िारा डोडी वपटिाकर या अन्यथा, जैसा क्रक क्जला मक्जस्रेट उधचत समझे, ऐसे व्यक्तत या आप्रिासी को ननदेश दे सकेगा क्रक - - (क) िह ऐसी रीनत में आचरण करे जो दहंसा या संत्रास या ऐसे रोग के प्रादुभाबि या प्रसार का ननिारण करने के ललए आिश्यक प्रतीत हो; या (ि) िह क्जले या उसके क्रकसी भाग या ऐसे िेत्र तथा उसके समीपस्थ क्रकसी क्जले या क्जलों या उसके/उनके क्रकसी भाग के र्ाहर ऐसे मागब से तथा ऐसे समय के भीतर जैसा क्रक क्जला मक्जस्रेट विननददबष्ट करे, चला जाय और यथाक्स्थनत उतत क्जले या उसके भाग या ऐसे िेत्र तथा ऐसे समीपस्थ क्जलों या उनके भाग में, जहााँ से क्रक हट जाने का उसे ननदेश ददया गया था, प्रिेश न करें या न लौटें । 10