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कोई भी राजस्व अहधकारी – (क) अपनी अहधकाररता की स्थानीय सीमाओं से परे हनवासी ककसी भी व्यहि की; (ख) ककसी भी ऐसे व्यहि की, जो ऐसी सीमाओं को उस तारीख से पहले छोड़ने वाला है हजसको कक न्यायालय में परीिा की जाने के हलये वह अपेहित है; (ग) केन्रीय सरकार या राज्य सरकार की सेवा में के ककसी ऐसे व्यहि की, हजसके कक बारे में ऐसेराजस्व अहधकारी की यह राय हो कक लोक सेवा का उपाय ककये हबना वह हाहजर नहीं हो सकता, परीिा करने के हलये कमीशन ककन्हीं भी कायडवाहहयों में जारी कर सकेगा । 153