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करठनाइयों का हनराकरण करने की शहि – (1) यकद इस संहहता के उपबन्धों को ककसी िेत्र में प्रभावशील करने में कोई करठनाई उद्भूत हो, राज्य सरकार, राजपत्र में अहधसूहचत आदेश द्वारा, ऐसे उपबन्ध कर सकेगी या ऐसे हनदेश दे सकेगी जो कक उस करठनाई का हनराकरण करने के हलये उसे आवश्यक प्रतीत हों । (2) उपधारा (1) के अधीन पाररत आदेश की एक प्रहतहलहप, उसके पाररत ककये जाने के पिात् यावतशक्य शीघ्र हवधान सभा के समि रखी जायेगी । 142