Bare ActsThe MP Land Revenue Code 1959

Section 202

Amendment status not verified — confirm the current text below against the official source.

दोषपूणड ढंग से बेदखल ककये गये मौरूसी कृषक का पुन: स्थान – (1) यकद ककसी व्यहि को, जो संहहता के प्रवृत्त होने के ठीक पूवड ककसी िेत्र में कोई भूहम धारा 185 में वर्तणत हैहसयतों में से ककसी हैहसयत में धारण करता था, इस संहहता के प्रवृत्त होने के ठीक पूवडवती तीन वषो के दौरान उसके द्वारा धाररत ककसी भूहम से हवहध की प्रकिया से हभि प्रकिया द्वारा बेदखल या बेकब्जा कर कदया गया हो तो वह ऐसी भूहम पर अपने पुन:स्थापन के हलये, इस संहहता के प्रवृत्त होने की तारीख से दो वषड के भीतर तहसीलदार को आवेदन कर सकेगा । (2) यकद ककसी ऐसे व्यहि को, जो इस संहहता के प्रवृत्त होने के समय मौरूसी कृषक के रूप में भहम धारण करता है, इस संहहता के प्रवृत्त होने के पिात् ककसी ऐसी भूहम से; जो कक उसके द्वारा धाररत है, उस संहहता के उपबन्धों के उल्लघन में बेदखल कर कदया गया हो, तो वह ऐसे भूहम पर अपने पुन:स्थापन के आवेदन इस प्रकार बेदखल या बेकब्जा ककये जाने की तारीख से दो वषड के भीतर तहसीलदार को कर सकेगा । (3) उपधारा (1) या (2) के अधीन आवेदन प्राप्त होने पर, तहसीलदार, पिकारों से सभबहन्धत दावों की जांच करने के पिात् आवेदन को हवहनिय करेगा और जब वह मौरूसी कृषक को कब्जा वापस कदये जाने का आदेश दे देता है, तो उसे भूहम का कब्जा कदलायेगा । (4) तहसीलदार, आवेदक को उपधारा (3) के अधीन भूहम का कब्जा सौंपे जाने के हलये अन्तररम आदेश जांच के ककसी भी प्रिम पर पाररत कर सकेगा यकद उसे यह प्रतीत हो कक हवरोधी पि द्वारा आवेदक को उपधारा (1) या (2) के अधीन आवेदन प्रस्तुत ककये जाने के पूवड के छह मास के भीतर 105 बेदखल कर कदया गया था या बेकब्जा कर कदया गया था, और यकद आवश्यक हो तो हवरोधी पि को उसके (तहसीलदार) के आदेश के अधीन बेदखल कर कदया जायेगा (5) जब उपधारा (4) के अधीन अन्तररम आदेश पाररत कर कदया गया हो, तो तहसीलदार हवरोधी पि से अपेिा कर सकेगा कक वह उस समय तक, जब तक कक तहसीलदार द्वारा अहन्तम आदेश पाररत न कर कदया जाय, भूहम का कब्जा लेने से प्रहवरत रहने के हलये उतनी राहश का बन्धपत्र हनष्पाकदत करे हजतनी कक वह (तहसीलदार) उहचत समझे । (6) यकद यह पाया कक बन्धपत्र हनष्पाकदत करने वाले व्यहि के बन्धपत्र के उल्लंघन में भूहम में प्रवेश कर हलया है या उसका कब्जा ले हलया है तो तहसीलदार बन्धपत्र को पूणडत: या भागत: समपहृत कर सकेगा और ऐसी रकम भू – राजस्व के बकाया के तौर पर वसूल कर सकेगा । (7) यकद उपधारा (3) के अधीन पाररत आदेश आवेदन के पि में हो तो तहसीलदार युहियुि प्रहतकर भी अहधहनर्तणत करेगा जो हवरोधी पि द्वारा आवेदक को संदत्त ककया जायगा; परन्तु प्रहतकर की रकम प्रत्येक वषड के दखल के हलये उस भूहम के राजस्व के दस गुने से अहधक नहीं होगी। (8) इस धारा के अधीन अहधहनर्तणत प्रहतकर भू-राजस्व के बकाया के तौर पर वसूल ककया जा सकेगा (9) तहसीलदार को यह शहि होगी कक वह ककन्ही भी ऐसे िेत्रों में, जो राज्य सरकार द्वारा इस सभबन्ध में अहधसूहचत ककये जायं, ऐसे मामलों का, जो कक मौरूसी कृषकों के, चाहे अभ्यपडण द्वारा या अन्यथा दोषपूणड ढंग से बेदखल ककये जाने या बेकब्जा ककये जाने से सभबहन्धत हों, स्वप्रेरणा से पुनर्तवलोकन करे। जहां इस उपधारा के अधीन कायडवाही की जाती है, वहां यावत्यशक्य, पूवडगामी उपधाराओं के उपबन्ध लागू होंगे अध्याय-15 जलोढ़ तथा जल-प्लावन

Section 202 – The MP Land Revenue Code 1959 | DailyLaw.ai