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िेता, हविय से पूवड शोध्य भू–राजस्व के हलये दायी नहीं होगा .- धारा 138 या धारा 139 में ककसी बात के होते हुए भी, िय के प्रमाण-पत्र में नाहमत व्यहि उस भू-राजस्व के हलये दायी नहीं हेागा जो हविय की तारीख से पूवड की ककसी कालावहध के हलये उस भूहम के सभबन्ध में देय है। 154.क. उस खाते को हजसके सभबन्ध में बकाया शोघ्य हो या बकायादार ककसी अन्य खाते को पटटे पर देने की तहसीलदार की शहितयाँ -.(1) जहाँ ककसी खाते के समन्ध में भू–राजस्व का बकाया शोध्य हो या जहां कोई धन उसी रीहत में वसूली योग्य हो हजसमें धारा 155 के अधीन भू– राजस्व का बकाया वसूल ककया जाता है; वहां तहसीलदार इस संहहता में अन्तर्तवष्ट ककसी बात के होते हुए भी, ककसी सहकारी सोसाइटी के शोध्यों की वसूली के हलये धारा 147 के खंड (ख) के अधीन या खंड (खख) या खंड (खखख) के अधीन जैसी भी कक दशा हो खाते को कुकड करने के पिात् उस खाते को हजस पर बकाया शोध्य है, या बकायादार के ककसी ऐसे अन्य खाते को जो कृहष के प्रयोजन के हलये उपयोग में लाया जाता है, बकायादार के हभि ककसी व्यहि को ऐसे हनबडन्धनों और शतों पर जो कलेक्टर हनयत करे, दस वषड से अनहधक ऐसी कालावहध के हलये पट्टे पर दे सकेगा जो ठीक आगामी कृहष वषड के प्रथम कदन से प्रारभभ होती हो: परन्तु ककसी सहकारी सोसायटी के शोध्यों की वसूली के हलये कुकड ककया गया खाता दस वषड से अनहधक कालावहध के हलये पट्टे पर कदया जायेगा: परन्तु यह और भी कक ककसी ऐसे भूहम स्वामी के, जो ऐसी जनजाहत का सदस्य है, जो धारा 165 की उपधारा (6) के अधीन आकदम जनजाहत घोहषत की गई है, खाते की कोई भूहम, ऐसी जनजाहत के सदस्य से हभि ककसी व्यहि को पट्टे पर नहीं दी जायगी । (2) इस धारा की कोई भी बात ककसी ऐसे व्यहि के दाहयत्व पर प्रभाव नहीं डालेगी जो भू राजस्व के बकाया के भुगतान के हलये या ककसी ऐसे धन के जो उसी रीहत में वसूली योग्य हो हजसमें कक धारा 155 के अधीन भू-राजस्व का बकाया ककया जाता है, बकाया के भुगतान के हलये इस कोड के अधीन दायी हो (3) पट्टे की कालावहध का अवसान होने पर, वह खाता सभबन्धहत वयहि को, ऐसे खातों के सभबन्ध में बकाया के हलये राज्य सरकार के ककसी दावे से मुि रूप में या ऐसे धनों के हलये, जो उसी रीहत में वसूल योग्य हों हजसमें धारा 155 के अधीन भू-राजस्व का बकाया वसूल ककया जाता है, राज्य सरकार के या ककसी भी अन्य प्राहधकारी के ककसी भी दावे से मुि रूप में वापस कदला कदया जावेगा हजन दावों की तुहष्ट के हलये कक वह खाता उपधारा (1) के अधीन पट्टे पर कदया गया था : परन्तु इस उपधारा में कोई भी बात ककसी सहकारी सोसाइटी के शोध्यों की वसूली के हलये कुकड ककये गये और पट्टे पर कदये गये खाते को उस हस्थहत में लागू नहीं होगी जहां उन शोध्यों की, हजनकी तुहष्ट 67 के हलये वह उपधारा (1) के अधीन पट्टे पर कदया गया था, पूणड तुहष्ट पट्टे की कालावहध का अवसान होने पर नहीं होती है ।