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जमाित के मन्जूर क्रकये जािे का विनियमि - (1) सांर्हता में अन्तवििष्ट क्रकसी के होते हुए भी कोई भी न्यायािय क्रकसी डाकू के बारे में धगरपतारी पूिि जमाित (एन्टीलसपेटरी) लिये कोई आिेदि ग्रहण िहीां करेगा । (2) सांर्हता में अन्तवििष्ट क्रकसी बात के होते हुए भी, क्रकसी डाक की जमाित के लिये कोई आिेदि उस दशा में मांजूर िहीां क्रकया जायेगा जबक्रक! [.....] उसका विरोि क्रकया गया हैं: परन्तु कोई भी न्यायािय या मम्जस्रेट, क्रकसी ऐसे व्यम्तत का, म्जस पर विनिर्दिष्ट अपराि का अलभयोग िगाया गया है, अन्िेषण के दौराि अलभरक्षा में निरोि एक सौ बीस र्दिों से अधिक की कािािधि के लिये प्राधिकृत िहीां करेगा और ऐसी कािािधि की समाम्प्त पर, उस दशा में जबक्रक सांर्हता की िारा 173 की उपिारा (3) के अिीि पुलिस ररपोटि फाइि ि की गई हो अलभयुतत को, यर्द िह जमाित देिे के लिये तैयार है और जमाित दे देता है; तत्काि छोड़ र्दया जायेगा ।