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विशेष न्यायािय का विनिश्चय पररणाम और उसके - यर्द विशेष न्यायािय, इस निष्कषि पर पहुाँचता है क्रक सभपवि का अजिि विनिर्दिष्ट अपराि '[करके] क्रकया गया था, तो िह उतत सभपवि के अधिहरण का आदेश करेगा और अलभिेिों को, अपिे आदेश के निष्पा- दि के लिये, म्जिा मम्जस्रेट के पास भेजेगा, और क्रकसी अन्य दशा में, उस सांपवि को तत्काि निमुतत कर र्दये जािे का आदेश क्रकया जायेगा । 18 अपीि'--- विशेष न्यायािय के प्रत्येक ऐसे विनिश्चय के, जो िारा 17 के अिीि क्रकया गया हो, विरुद्ि अपीि उच्च न्यायािय को होगी । 19 अधिकाररता का िजिि-- इस अधिनियम के अिीि पाररत कोई आदेश या क्रकया गया कोई विनिश्चय, उसमें यथा उप-बम्स्ित के लसिाय, अपीििीय िहीां होगा, और क्रकसी भी लसविि न्यायािय को क्रकसी भी ऐसे मामिे के सभबन्घ में कोई अधिकाररता िहीां होगी म्जसे अििाररत करिे के लिये विशेष न्यायािय इस अधिनियम व्दारा या उसके अिीि सशतत है, और क्रकसी न्यायािय या अन्य प्राधिकारी व्दारा, सभपवि की कुकी या अधिहरण में हस्तक्षेप करिे िािा कोई आदेश या अन्तििती आदेश, इस अध्याय व्दारा या उसके अिीि प्रदि क्रकसी शम्तत के अिुसरण में की गई या की जािे िािी क्रकसी कायििाई के सभबन्ि में िहीां र्दया जयेगा । अध्याय 5 - प्रकीणि