Bare ActsThe MP Dakaiti &amp The Vyapharan Prbhavit Kshetra Act, 1981

Section 12

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ऐसी सभपवि को, म्जसके बारे में समािािकारक रूप में िेिा-जोिा ि र्दया जा सकता हो, कब्जे में रििे के लिए दण्ड - कोई ऐसा व्यम्तत, जो क्रकसी डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र में रहता है और उस क्षेत्र में या अन्यत्र ऐसी सभपवि अपिे कब्जे में रिता है म्जसके लिए िह समािािकारक रूप में िेिा-जोिा िहीां दे सकता है अपराि का दोषी होगा और कारािास से, जो सात िषि का हो सकेगा, और जुमाििे से दम्ण्डत क्रकया जायेगा : परन्तु यर्द और जब विशेष न्यायािय व्दारा िारा 17 के अिीि निमुिम्तत का आदेश पाररत क्रकया जाता है, तो अलभयुतत को, चाहे विचारण का प्रक्रम कुछ भी हो, उन्मोधचत कर र्दया जायगा और यर्द िह अलभरक्षा में है तो उसे तत्काि छोड़ र्दया जायगा और उसकी दोष- लसद्ि यर्र कोई हो, के सभबन्ि में यह समझा जायगा क्रक िह अम्स्तत्ि में िहीां है । 13 कारािास की न्यूितम कािािधि- िारा 11 और 12 में या तत्समय प्रिृि क्रकमी अन्य विधि में अन्तवििष्ट क्रकसी बात के होते हुये भी, क्रकसी विनिर्दिष्ट अपराि के लिये जो न्यूितम दण्ड र्दया जायगा िह तीि िषि का कारािास होगा । 13 क. प्रनतवषद्ि आयुिों तथा प्रनतवषद्ि गोिा-बारूद को आयुि अधिनियम, 1959 के उल्िांघि में कब्जे में रििे आर्द की दशा में उपिारणा- यर्द कोई व्यम्तत प्रनतवषद्ि आयुिों या प्रनतवषद्ि गोिा बारूद का, आयुि अधिनियम, 1959(1959 का सां० 54) के उपबन्िों के उल्िांघि में विनिमािण प्रसांस्करण, क्रय, विक्रय करता है या उन्हें कब्जे में रिता है, तो यह उपिारणा की जायेगी क्रक िह कोई विनिर्दिष्ट अपराि क्रकये जािे के लिये उिका विनिमािण, प्रसांस्करण, क्रय, विक्रय करता है या उन्हें कब्जे में रिता है । स्पष्टीकरण- इस िारा में अलभव्यम्तत ''प्रनतवषद्ि आयुिों'' तथा अलभव्यम्तत ''प्रनतवषद्ि गोिा बारूद'' के िही अथि होंगे जो आयुि अधिनियम, 1959(1959 का सां ० 54) में उिके लिए र्दये गये हैं । अध्याय 4 -सभपवि की कुकी

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