Bare ActsThe MP Dakaiti &amp The Vyapharan Prbhavit Kshetra Act, 1981

Section 1

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म. प्र. अधिनियम क० 29 सि् 1982 व्दारा अन्त-स्थावपत जो म० प्र० राजपत्र असािारण. र्दिाांक 31-10-82 के पृष्ठ 2373-2378 पर प्रकालशत 4.पुलिस की सहायता करिे िािा व्यम्तत िोक सेिक होगा- (1) क्रकसी ऐसे व्यम्तत को, जो क्रकसी विनिर्दिष्ट अपराि के क्रकये जािे के बारे में जािकारी देकर पुलिस की सहायता करता है या जो क्रकसी विनिर्दिष्ट अपराि के क्रकये जािे के बारे में जािकारी देिे या उसके अन्बेषण में पुलिस की सहायता करिे के लिये िगाया जाता है, इस अधिनियम के प्रयोजिों के लिये, भारतीय दण्ड सांर्हता ( 180 का सां० 45) की िारा 2 के अथि के अन्तगित िोक सेिक समझा जायेगा । (2) पुलिस अिीक्षक का इस प्रभाि का प्रमाण-पत्र क्रक उसमें िखणित व्यम्तत ऐसा व्यम्तत है जो उपिारा (1) में विनिर्दिष्ट प्रयोजिों के लिये पुलिस की सहायता करता है, या पुलिस से सहायता करिे के लिये िगाया गया है, उि तथ्यों का निश्चायक साक्ष्य होगा जो उसमें कधथत क्रकये गये है । 4-क. उस दशा में प्रक्रक्रया जब अन्िेषण चौबीस घण्टे के अन्दर पूरा ि क्रकया जा सकता हो- (1) जब कभी क्रकसी ऐसे व्यम्तत को, जो क्रकसी विनिर्दिष्ट अपराि से सभबद्ि रहा है, या म्जसके विरुद्ि यह पररिाद क्रकया गया है क्रक िह उससे सभबद्ि रहा है, या म्जसके विरुद्ि यह विश्िसिीय जािकारी प्राप्त हुई हो क्रक िह उससे सभबद्ि रहा है या म्जसके विरुद्ि युम्ततयुतत सांदेह है क्रक िह उससे सभबद्ि रहा है, धगरफ्तार क्रकया जाता है और अलभरक्षा में निरुद्ि क्रकया जाता और यह प्रतीत होता है क्रक अन्िेषण सांर्हता की िारा 57 व्दारा नियत चौबीस घण्टे की कािािधि के भीतर पूरा िहीां क्रकया जा सकता, और यह विश्िास करिे के लिये आिार हैं क्रक अलभयोग या जािकारी दृढ़ आिार पर है, तो पुलिस थािे का भारसािक अधिकारी अथिा अन्िेषण करिे िािा पुलिस अधिकारी, यर्द िह उपनिरीक्षक की पद श्रेणी से निभि पद श्रेणी का िहीां हैं, मामिे से सभबम्न्ित डायरी, जौ सांर्हता में विर्हत है, की प्रविम्ष्टयों की एक प्रनत निकटतम न्यानयक मम्जस्रेट को तुरन्त भेजेगा और उसके साथ ही अलभयुतत को भी ऐसे मम्जस्रेट के पास भेजेगा । (2) िह मम्जस्टेरट, म्जसके पास अलभयुतत को उपिारा (1) के अिीि भेजा जाता है, चाहे उसे अधिकाररता हो या िहीां, अलभयुतत का ऐसी अलभरक्षा में, जैसी क्रक ऐसा मम्जस्टेरट ठीक समझे, इतिी अिधि के लिये जो कुि लमिाकर पन्रह र्दि से अधिक की िहीां होगी, निरुद्ि रिा जािा समय-समय पर प्राधिकृत कर सकेगा । (3) उस दशा में जबक्रक मम्जस्रेट अलभयुतत को निरुद्ि रििा क्रकसी भी समय अिा- िश्यक समझे, या उपिारा (2) के अिीि पन्रह र्दि की विरोिािधि का अिसाि हो जािे के पश्चात्, इिमें से जो भी पूिितर हो, िह अलभयुतत को समस्त कागज-पत्रो के साथ उस विशेष न्यायािीश के पास भेजेगा जो उस मामिे में अधिकाररता रिता हो ।] (4) पुलिस के कागज-पत्रों के साथ अलभयुतत के इस प्रकार भेजे जािे पर, विशेप न्यायािीश कागज पत्रों को िारा 8 के अिीि पुलिस ररपोटि मािकर उस मामिे का सांज्ञाि कर सकेगा या प्रनतप्रेषण के विषय में ऐसे आदेश पाररत कर सकेगा जैसे क्रक अधिकाररता रििे िािे क्रकसी मम्जस्रेट व्दारा सांर्हता के उपबन्िों के अिीि के अिीि पाररत क्रकये जा सकते हों ।

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