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अपिाि तथा शाक्तत - - (1) यदद व्यक्तत, जȪ इस अधिननयम कȯ अिीन ककतहीं लȪक पररसरों सȯ बȯदखल कर ददया िया हȪ, उन पररसरों पर पुन: अधिभȪि रखनȯ कȯ प्राधिकार कȯ बबना उन पर पुन: अधिभȪि रखȯिा, तȪ िह कारािास सȯ क्जसकी अिधि एक िषा तक की हȪ सकȯ िी, या जुमाानȯ सȯ, जȪ एक हजार ǽपयȯ तक का हȪ सकȯ िा, या दȪनों सȯ दंडनीय हȪिा । (2) ककसी व्यक्तत कȪ उपिारा (1) कȯ अिीन लसƨदȪष ठहरानȯ िाला कȪई मक्जस्रȯट उस 7 व्यक्तत कȪ बȯदखल करनȯ कȯ ललए संिȯपतआ आदȯश कर सकȯ िा और ऐसा व्यक्तत ककसी ऐसी अतय कायािाही पर, जȪ कक इस अधिननयम कȯ अिीन उसकȯ विǽƨ की जा सकती हȪ, प्रनतकूल प्रभाि डालȯ बबना ऐसी बȯदखली का दायी हȪिा ।