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मधाप्रदैशलौकसेवा(ैअनुसूजिंत्त जातियाँ,अनुयूंबित्तजनजातियोंऔंरअन्यपिछडेवर्गोंकेलिएआरक्षण) अघिनियम,१९९४(क्रमांक२९सद्१९९४) (जोइसमेंइसकेपश्चातूमूलअधिनियमकेनामसेनिर्दिष्ट है) कौ नुं थारा२पें, खंण्द्व(ख्र)केस्थानपर, हुंनेणखिखित्त खण्डर्स्थापित्त किय।जाप्र्अथांतून्त्र् ऱ ड़ों'(ख) "स्थापन'ॊ'ॊस्रेअथिप्रेंत्त हैराजासरकारक।यात्तत्समय प्रवृत्त राजाकेकिसीअघिनियमके ड़ों` अघोंऩगठित्तकिसीस्थानीयप्राधिक्रंरण याकानूनीप्राधिकरणकायाकिसोविश्वविद्यालय का 'ःह् याकिसीऐसीकपानी, निगमयाक्रिंसोसहकारीसोसाइटीका, जिसमेंसपादत्तअंशपूंज्ञीका 'ॊड़ों ड़ोंकपसेकमाँइवयावपप्रबिशत्त रांव्यसरकारद्वाराधारित्तहैयाकिसीसंर्स्थाकाजोंराजासरकार -'ः सेसहायताअनुदानयामक़दअनुदानप्रापाकररहीहै, कोईकार्यालयअौंरउसकेअननर्गब ड़ोंड़र ऐसास्थापनआताहैजिसमेंकार्यभारित्त याआकस्मिकतानिधिस्रेभुगतानकियाजाताहैअौंर ड़ों- ऐसास्थापनर्जिप्तर्पे आकस्मिकनियुक्तियांकोजातीहैंकिमुइसमेंसंविधानकेअनुवौद३० ड़ों- केअधौमआनेवालेस्थापनसम्मिश्लित्त्महों हैं;". ३ड़ोंमूलअधिनियमकीभाव३में, 'पद(ें२ः) त्तथा(४) कालोपकियाज ाप्र्.ं'ः ' ४.ंमूलअघिनियमकीधारा४मँ,-= (एक) विद्यमापपाश्र्वशीर्ष केर्थाऩपर, निमत्तिखित्त पार्श्वशीघंरथापित्तकियाजाए, अर्थात्तू:-= 'ॊ' उंदाँर्केआरक्षणकेसिएप़ठिशत्तता क।नियत्तक्रियाड़ोंजाना औरमूल्यांकनकेमानक'ः'ॊ.ं (दी) उपधारा(ें२) केखण्ड(एक) केरथामपर,निग्मत्तिखित्त खण्डर्स्थाफ्ति'र्किया जाप्र्अर्थात्तून्ड़ों ड़ों'(एक) प्रथमवर्ग,द्धितीयवर्ग,तृतीयवर्गऔरचतुर्थवग्र्र्ंकेपर्दोंमेंराजासारपरकिसीभरनीड़ों केबाईंमेंउद्भूवहोनेवालीरिक्तियोंकेसंबंघमेंनिणलिंखित्त प़त्तिशत्त ;ड़ों 'ः ' अनुसूचित्त जाति .ं ९६प़बिशत्त अनुसूघित्त जनजात्ति .ं २०प़त्तिशत्त अग्रपिछड़ेवर्ग ९४प़चिशत्त"; ड़ोंमधयप्रदेश राजपत्र,दिनांक7 मई2002 430 (र) धप्ग'ॊ (तीन) उपधारा ( ३) केखड़ोंण्ड(ख) ड़ोंकेपश्वात्त्ड़ों निमकिखित्तखण्डअन्तःर-थग्मित्त किया ' जाएअर्थांतून्ड़ोंड़ों 'ः(ेंग् ा) जवकर्मीसीसीपर्तोयापदीजत्तिकेसमट्टुड़ोंज्ञ मामलोंमेंपूर्ववर्तीवर्षयावर्षोंमेंअत्रुसून्नित्त जातियाअनुसून्नित्त जमजात्ति केलिएआरक्षित्त रिबित्तयां विनाभरोरहगईहँत्तब़बैकलॉग आैंर/याआानीत्तरिवित्तया पृथकत्तथासुश्चिमसमूहमानीज़ाएग् ा ा ा औरउसवर्षकीरिक्तियों ' कोकुलसंरव्यापरआरक्षण् ाकौपचासप़त्तिशत्त कोअघिकत्तपसीमाकाअबपारण् ाकरनें - ड़ों केलिंएउसबर्षको, भारशिवरिक्तियोंकेसाथनहींमानीजाएंगींजिसमेंवेरिक्तियांभरी जारहोहैं. अथशव्योड़ों र्मे,आरक्षित्त रिक्तियोंकोपरनेपरपचासप्रत्तिशत्त को.अथिकत्तम सोमाकेबलउढोंआरक्षित्त रिफ्तियोंपरखाड़ोंप्र् होग्गौजोचालूवर्षमेंउद्भूत्तहोंऔरअनुसूचित 'ःजातियाअनुसूचित्तजनजातिकेलिंएमूवंवतोंवर्षयाबर्षोंकीबैकलोंग/आानीत्त आरक्षित्त रिक्तियांपृथकत्तथासुधिऩसमूहमानीजाएंगीऔरपचासप्रबिशत्त कौअधिकत्तपसीमा केअव्यघीन'नहींढोंग्गौ: परजुनियुक्तिप्राधिकारोंविनाभरोऐसीरिक्तियोंकौभरनेकेसिएग्क्रिसीसीसमयविशेषभर्तीकर ड़ोंशांरड़ोंग्केग् गाऑरयदिऐसीरिंबित्तपानिनाभरोरहजातीहैंतोउडेड़ोंउसप़वग्र्गंज़िसकेड़ोंसिएपद यापदोंकोभारशिवकिय।ग्गयाहै स्रेघिनव्यक्तियोंद्वारापरेजानेकेलिंएकिसीभी रीतिमेंअनारक्षित्त नहींक्रियाज़ाएग्ग़; (चार) उपधारा(४) केपश्चात्त्ड़ों निणतिखित्तउपधाराआॊ: रुथापिवकोजाए, ञर्थाव्:_ " (४-क)र ाजांसरकार,साथारणयाविशेषआदेशद्वारा,अनुसूचित्त जार्त्तियों अौंरअनुसूचिबजनजाठियाँ केसदस्योंकेपक्षमेंराणाकेकार्यकलाप'स्रेसंबद्धसेवाओंयापदोंपरकिसीवर्णया वर्गोंकौपत्तोंऔरपदोजत्तिकेमामलोंमॅआरक्षणकेलिएकिसीपरीक्षाकेअहंकारी अंकोंकोशिथिलकरनेंहेतुयामूलांकनकामानकक्रमकरनेकेसिएउपबंधकरसकेगी.'ॊ'ॊ; (पांच) उपधारा(५) केपश्चातूनिणत्सिखित्त उपधाराअंतःरुथापित्त कीजाएअँर्थात्तून्ड़ों ड़ों'ः(५-क)र ाव्यसरकार, अनुसूचित्तज्ञानियोंत्तथाअनुलूबित्तजपज़ात्तियोंड़ों केपक्षमेंराजाकोसिविल .ंसेवाओंमेंपदोंकेकिसीवर्गयावर्गोंकेलिएपारिणामिक़ञ्यैपङताकेसाथपदोनत्तिके मामलोंमेंनियमबनासकेग्ड़ों गाथाकोईँअनुदेशजारोकरसकेग्गै." मूल अधिनियमकीघारा६कौउपधारा(१) केर्स्थानपर निणत्तिखित्त उपधारार्स्थापित्त कौ जाएअर्थात्त् ःह्वि "(ै१) कोईनियुक्तिप्राधिकारीजिसेधारा५कौउपधारा(ेंर) केअधीनउत्तरदायित्व साँपागवाहै, ऐसीसेंतिमेंजानबृड़ोंझक़र कार्यकरताहैजोंइसअधिनियमकेप्रयोजनोंकाउल्लंघनकरनेया उन्हेंविफलकरनेकेसिएआशयित्त हैयापार।१४ड़ोंक़केनिबंधर्नोंड़ोंके अघीममिव्याप्रमाण- पत्रकापृष्ठोकऩकरताहै, नियुक्तिप्राधिकारीकाऐसाकुत्ताउसपरलागू' आचरणय।सेवा नियपौंकेअधीनअबचारसमझाजाएगा'ःआैंरऎसेअवचारकेलिंएउवचनियपोंके, असीम अनुशासनिककार्यवाहियोंकेसापड़ोंसाथसक्षमअधिकारितावालेकिसीव्यामात्तय द्वाराअथिपौज़ित्त .ं किएजानेकादायीहोगाऔरबहदीपप्तिद्धि परकारावाससे, जोएकवर्षचक्रकाहो सकेगायाजुर्मानेसेजोदीहजाररुपये.ंत्तक्र काहोसकेगा,यादोनोंसेदण्डनीयहोगा,'ॊ'. 430(ें2) 'ॊ पव्यप्रदेशराजपत्र,दिनांक7 मई2002 'ःधाग ८ का