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रजिस्ट्रार और उपरजिस्ट्रार के कायाणिय—(1) राज्य सरकार हर जििे में एक कायाणिय की स्ट्थापिा करेगी जिसका िाम रजिस्ट्रार का कायाणिय होगा और हर उपजििे में कायाणिय या कायाणियों की स्ट्थापिा करेगी जिसका िाम उपरजिस्ट्रार का कायाणिय या जििके िाम संयु त उपरजिस्ट्रार के कायाणिय होंगे । (2) राज्य सरकार रजिस्ट्रार के दकसी भी कायाणिय के साथ ऐसे रजिस्ट्रार के अिीिस्ट्थ उपरजिस्ट्रार के दकसी भी कायाणिय का समामेिि कर सकेगी और दकसी भी ऐसे उपरजिस्ट्रार को, जिसके कायाणिय का ऐसे समामेिि दकया गया है, अपिी शज तयों और कतणव्यों के अजतरर त उस रजिस्ट्रार की, जिसके वह अिीिस्ट्थ है, सब शज तयों और कतणव्यों का या उिमें से दकसी का भी प्रयोग या पािि करिे को प्राजिकृत कर सकेगीः परधतु ऐसा कोई भी प्राजिकरण दकसी उपरजिस्ट् रार को इस अजिजियम के अिीि स्ट्वयं अपिे द्वारा पाररत दकसी आिेश के जवरुद्ध अपीि सुििे के जिए समथण िहीं करेगा । 1 1951 के अजिजियम सं० 3 की िारा 3 तथा अिुसूची द्वारा अंतःस्ट्थाजपत । 2 जवजि अिुकूिि आिेश, 1950 द्वारा िण्ि (11) अधतःस्ट्थाजपत दकया गया जिसका 1951 के अजिजियम सं० 3 की िारा 3 और अिुसूची द्वारा िोप दकया गया । 3 1914 के अजिजियम सं० 4 की िारा 2 तथा अिुसूची, भाग 1 द्वारा िारा 6 में परधतुक अधतःस्ट्थाजपत दकया गया जिसका भारत शासि (भारतीय जवजि अिुकूिि) आिेश, 1937 द्वारा जिरसि दकया गया । 3