Bare ActsThe Registration ACT 1908

Section 43

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जविों के जििेप पर प्रदक्रया—(1) ऐसा जििािा प्राप् त होिे पर यदि रजिस्ट्रार का समािाि हो िाता है दक जििेप के जिए उसे उपस्ट्थाजपत करिे वािा व्यज‍ त वसीयतकताण या उसका अजभकताण है तो वह संखयांक 5 वािी अपिी रजिस्ट्रीकरण पुस्ट्तक में पूवो‍ त उपररिेिि को चढ़ा िेगा और उसी पुस्ट्तक में और उ‍ त जििािे पर उसे ऐसे उपस्ट्थाजपत करिे और प्राजप् त के वषण, मास, दिि और समय को और ऐसे व्यज‍ तयों के िामों को, िो वसीयतकताण या उसके अजभकताण की अिधयता को प्रमाजणत करे, और ऐसी दकसी मुद्रा पर के, िो जििािे पर िगी हो, दकसी सुपाठ्य अधतरािेिि का रिप्पण कर िेगा । (2) रजिस्ट्रार तब अपिी अज‍ िसह पेिी में उस मुद्राबधि जििािे को रि िेगा और रिे रहेगा ।