Bare ActsThe Registration ACT 1908

Section 38

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रजिस्ट्रीकरण कायाणिय में उपसंिाजत से छूि-प्राप् त व्यज‍ त—(1) (क) वह व्यज‍ त, िो अंग-शैजथल्य के कारण िोजिम या घोर असुजविा के जबिा रजिस्ट्रीकरण कायाणिय में उपसंिात होिे के अयो‍य है, अथवा (ि) वह व्यज‍ त, िो जसजवि या िाजण्िक आिेजशका के अिीि िेि में है, अथवा (ग) वे व्यज‍ त, िो धयायािय में स्ट्वीय उपसंिाजत से जवजि द्वारा छूि-प्राप् त हैं और िो एतजस्ट्मि प‍ चात अधतर्वण‍ ि जिकितम आगामी उपबधि के अभाव में रजिस्ट्रीकरण कायाणिय में स्ट्वयं उपसंिात होिे के जिए अपेजित होते, ऐसे उपसंिात होिे के जिए अपेजित ि दकए िाएंगे । (2) हर ऐसे व्यज‍ त की िशा में रजिस्ट्रीकताण आदिसर या तो ऐसे व्यज‍ त के गृह या उस िेि में, जिसमें वह परररुद्ध है, स्ट्वयं िाएगा और उसकी परीिा करेगा या उसकी परीिा के जिए कमीशि जिकािेगा ।