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जिस िशा में उपस्ट्थाजपत करिे में जवि्ब अपररविणिीय है उस िशा के जिए उपबधि—(1) यदि अिेंि आवयकता या अपररविणिीय िुघणििा के कारण 1[भारत] में जिपादित कोई िस्ट्तावेि या की गई जिक्री या आिेश की प्रजत इस जिजमत्त एतजस्ट्मि पूवण जवजहत समय का अवसाि हो िािे के प चात तक रजिस्ट्रीकरण करिे के जिए उपस्ट्थाजपत िहीं की िा सके तो रजिस्ट्रार उि िशाओं में, जििमें उपस्ट्थापि में जवि्ब चार मास से अजिक ि हो, जििेश िे सकेगा दक उस िुमाणिे के संिाय पर, िो दक उजचत रजिस्ट्रीकरण िीस की रकम के िस गुिे से अजिक ि हो, ऐसी िस्ट्तावेि रजिस्ट्रीकरण करिे के जिए प्रजतगृहीत कर िी िाएगी । (2) ऐसे जििेश के जिए कोई भी आवेिि उपरजिस्ट्रार के पास जिजव ि दकया िा सकेगा िो उसे तत्िण उस रजिस्ट्रार को अग्रेजषत करेगा जिसके वह अिीिस्ट्थ है ।