Bare ActsThe Registration ACT 1908

Section 2

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पररभाषाएं—इस अजिजियम में, िब तक दक जवषय या संिभण में कोई बात जवरुद्ध ि हो,— (1) “अजभवणणि” से वर्णणत व्यज‍ त का जिवास-स्ट्थाि और वृजद्ध, व्यापार, पंज‍ त तथा उपाजि (यदि कोई हो) और यदि वह 5[भारतीय] है तो 6*** उसके जपता का िाम या िहां दक वह प्राजयक रूप से अपिी माता के पुत्र के रूप में वर्णणत दकया िाता है वहां उसकी माता का िाम, अजभप्रेत है; (2) “पुस्ट्तक” के अधतगणत पुस्ट्तक का प्रभाग आता है और दकसी भी संखया में ऐसे पन्ने भी आते हैं िो इस िृज‍ ि से एक साथ संस‍ त हों दक उिसे पुस्ट्तक या पुस्ट्तक का प्रभाग बिाया िाए; (3) “जििा” और “उपजििा” से क्रमशः इस अजिजियम के अिीि बिाए गए जििा और उपजििा अजभप्रेत हैं; (4) “जििा धयायािय” के अधतगणत अपिी मामूिी प्रारज्भक जसजवि अजिकाररता में काम करता हुआ उच् च धयायािय आता है; (5) “पृ‍ ‍ांकि” तथा “पृ‍ ‍ांदकत” के अधतगणत इस अजिजियम के अिीि रजिस्ट्रीकरण के जिए जिजवित्त दकसी िस्ट्तावेि की उपररका या आवरक-पची पर रजिस्ट्रीकताण आदिसर द्वारा की गई जिजित प्रजवज‍ ि आती है और “पृष्ठाकंि” तथा “पृ‍ ‍ांदकत” ऐसी प्रजवज‍ ि को िागू होते हैं; 1 यह अजिजियम 1942 के पज‍ चमी बंगाि अजिजियम सं० 5 और 1950 के पजिमी बंगाि अजिजियम सं० 29 तथा 1951 के पजिमी बंगाि अजिजियम सं० 31 द्वारा बंगाि को; 1929 के मु्बई अजिजियम सं० 5, 1930 के मु्बई अजिजियम सं० 17, 1933 के मु्बई अजिजियम सं० 18, 1938 के मु्बई अजिजियम सं० 24, 1939 के मु्बई अजिजियम सं० 14, 1942 के मु्बई अजिजियम सं० 10, 1960 के मु् बई अजिजियम 6, 1960 के महाराष्ट्र अजिजियम सं० 19 और 1971 के महाराष्ट्र अजिजियम सं० 20 द्वारा महाराष्ट्र को; 1937 के मध्य प्राधत अजिजियम सं० 1 और 1955 के मध्य प्रिेश अजिजियम सं० 8 द्वारा मध्य प्राधत को; 1936 के मद्रास अजिजियम सं० 3 और 1952 के मद्रास अजिजियम सं० 17 द्वारा मद्रास और आंध्र प्रिेश को; 1933 के उडीसा अजिजियम सं० 3 द्वारा उडीसा को; 1941 के पंिाब अजिजियम सं० 8 और 1961 के पंिाब अजिजियम सं० 19 द्वारा पंिाब को; 1947 के जबहार अजिजियम सं० 14 और 1952 के जबहार अजिजियम सं० 24 द्वारा जबहार को; 1968 के केरि अजिजियम सं० 7 द्वारा केरि को; 1969 के जहमाचि प्रिेश अजिजियम सं० 2 द्वारा जहमाचि प्रिेश को; 1970 के पांजिचेरी अजिजियम सं० 17 द्वारा पांजिचेरी को; 1971 के उत्तर प्रिेश अजिजियम सं० 14, 1975 के उत्तर प्रिेश अजिजियम सं० 48 और 1976 के उत्तर प्रिेश अजिजियम सं० 57 द्वारा उत्तर प्रिेश को; 1973 के हररयाणा अजिजियम सं० 36 द्वारा हररयाणा को; 1974 के महाराष्ट्र अजिजियम सं० 29 और 1975 के महाराष्ट्र अजिजियम सं० 49 द्वारा महाराष्ट्र को; 1974 के तजमििािु अजिजियम सं० 31 द्वारा तजमििािु को; 1976 के उडीसा अजिजियम सं० 11 द्वारा उडीसा को और 1978 में पजिमी बंगाि अजिजियम सं० 17 द्वारा पजिमी बंगाि को संशोजित रूप में िागू दकया गया । इस अजिजियम का जवस्ट्तारण जि् िजिजित पर दकया गया— 1963 के जवजियम सं० 6 की िारा 2 और अिुसूची 1 द्वारा िािरा और िागर हवेिी पर; 1963 के जवजियम सं० 11 की िारा 3 और अिुसूची द्वारा गोवा, िमण और िीव पर; 1965 के जवजियम सं० 8 की िारा 3 और अिुसूची द्वारा स्पूणण ििद्वीप संघ राज्यिेत्र पर; और 1968 के जवजियम सं० 26 की िारा 3 और अिुसूची द्वारा पांजिचेरी पर । 2 1969 के अजिजियम सं० 45 की िारा 2 द्वारा “भारतीय” शब्ि का िोप दकया गया । 3 1951 के अजिजियम सं० 3 की िारा 3 तथा अिुसूची द्वारा उपिारा (2) के स्ट्थाि पर प्रजतस्ट्थाजपत । 4 2019 के अजिजियम सं. 34 की िारा 95 और पांचवीं अिुसूची द्वारा (31-10-2019 से) ” ि्मू-क‍मीर राज्य के जसवाय” शब्िों का िोप दकया गया। 5 जवजि अिुकूिि आिेश, 1950 द्वारा “भारत के मूि जिवासी” के स्ट्थाि पर प्रजतस्ट्थाजपत । 6 1956 के अजिजियम सं० 17 की िारा 2 द्वारा “उसकी िाजत (यदि कोई हो) और” शब्िों का िोप दकया गया । 2 (6) “स्ट्थावर स्पजत्त” के अधतगणत भूजम, जिमाणण, आिुवंजशक भत्ते, मागण के, प्रकाश के, पारघाि के मीििेत्र के अजिकार या भूजम से उद्भूत होिे वािे कोई भी अधय िायिे और भू-बद्ध वस्ट्तुएं या भू-बद्ध दकसी भी वस्ट्तु से स्ट्थायी रूप से िकडी वस्ट्तुएं आती हैं दकधतु िडा का‍ ‍, उगती िसिें और घास इसके अधतगणत िहीं आतीं; 1[(6क) “भारत” से ि्मू-क‍मीर राज्य का अपविणि करके भारत का राज्यिेत्र अजभप्रेत है;] (7) “पट्टे” के अधतगणत प्रजतिेि, कृजष या अजिभोग करिे का वचि और पट्टे पर िेिे का करार आते हैं; (8) “अप्राप् तवय” से ऐसा व्यज‍ त अजभप्रेत है, िो उस स्ट्वीय जवजि के अिुसार, जिसके वह अध्यिीि है, प्राप् तवय िहीं हुआ है; (9) “िंगम स्पजत्त” के अधतगणत िडा का‍ ‍, उगती िसिें और घास, पेडों के िि तथा पेडों के रस और स्ट्थावर स्पजत्त के जसवाय हर अधय प्रकार की स्पजत्त आती है; तथा (10) “प्रजतजिजि” के अधतगणत अप्राप् तवय का संरिक और पागि या िड का सुपुिणिार या अधय जवजिक प्रबधिक आते हैं । 2* * * * भाग 2 रजिस्ट्रीकरण-स्ट्थापि के जवषय में

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