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उपलब्ध ररपोर्टभ और अन्द्वेषण: िम सं. ररपोर्टभ जनष्कषों पर राय 5 . अजतररि अन्द्वेषण (यदि दकया गया हो) : िम सं. दकए गए अन्द्वेषण मुख्य जनष्कषभ . 6 गभभ के समापन के जलए जचदकत्सा बोडभ की राय: क. अनुमजत िी ख . अस्ट्वीकार दकया जनणभय के जलए औजचत्य: . 7 गभभ के समापन के जलए मजहला की िारीररक स्ट्वस्ट्र्ता: क. हां ख. नहन जचदकत्सा बोडभ के सिस्ट्य जिन्द्होंने मामले का पुनरीिण दकया हो : िम सं. नाम हस्ट्तािर तारीख और समय………………………… 6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] प्ररुप ड. रजिस्ट्रीकृत जचदकत्सा व्यवसायी के राय का प्ररुप (बीस सप्ताह से अजधक चौबीस सप्ताह तक गभाभवस्ट्र्ा की अवजध के जलए) [जनयम 4क के उपजनयम (2) को िेखे] म ......................................................................................................................................................... (रजिस्ट्रीकृत जचदकत्सा व्यवसायी का नाम और अहभताऐं ब़िे अिरों में) ........................................................................................................................................................... (रजिस्ट्रीकृत जचदकत्सा व्यवसायी का पूरा पता) म ......................................................................................................................................................... (रजिस्ट्रीकृत जचदकत्सा व्यवसायी का नाम और अहभताऐं ब़िे अिरों में) ........................................................................................................................................................... (रजिस्ट्रीकृत जचदकत्सा व्यवसायी का पूरा पता) प्रमाजणत करते ह , दक हमारी सद्भावनापूवभक बनाई गई राय के अनुसार .......................................................................................................................................................... (गभभवती स्त्री का नाम ब़िे अिरों में ) जनवासी ....................................................................................................................................................... (गभभवती स्त्री का पूरा पता, ब़िे अिरों में) के बीस सप्ताह से अजधक लेदकन चौबीस सप्ताह तक के गभभ का समापन करना जनम्नजलजखत जविेष पररजस्ट्र्जतयों* के अंतगभत आवयक है । *बीस सप्ताह से अजधक, चौबीस सप्ताह तक गभभ के समापन के जलए प्ररुप ) क ( से ) छ ( में िी गयी पररजस्ट्र्जतयों को जवजनीिभष्ट करें: (क) यौन हमले या बलात्संग या कौर्टुजम्बक व्यजभचार के उत्तरिीवी । (ख) अल्पवय । (ग) गभाभवस्ट्र्ा के िौरान वैवाजहक प्राजस्ट्र्जत में पररवतभन (वैधव्य या जववाह-जवच्छेि) । (घ) िारीररक अिमताओं वाली जस्त्रयां (दिव्यांगिन अजधकार अजधजनयम, 2016 (2016 का 49) के अधीन अजभकजर्त मानिंडों के अनुसार प्रमुख जनःििता) । (ङ) मानजसक रूप से रुग्ण स्त्री जिसके अन्द्तगभत मानजसक मन्द्िता भी है । (च) भ्रूणीय जवकृजत का इसके िीवन के सार् असंगत होने का सारवान् िोजखम है या यदि जििु उत्पन्न होता है तो वह ऐसी िारीररक या मानजसक असामान्द्यताओं से पीज़ित हो सकता है जिससे वह गंभीर रूप से अिम हो । [भागII—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 7 (छ) मानवीय जस्ट्र्जतयों या आपिा या आकजस्ट्मकता की पररजस्ट्र्जतयों में गभाभवस्ट्र्ा वाली स्त्री, िैसा दक सरकार द्वारा घोजषत दकया िाए । हम यह सूचना िेतें ह दक हमने जनीिभष्ट स्त्री, जिनका अस्ट्पताल/ अनुमोदित स्ट्र्ान के िाजखला रजिस्ट्र्टर में िम संख्यांक .............................. है, के गभभ का समापन दकया है । रजिस्ट्रीकृत जचदकत्सा व्यवसायी के हस्ट्तािर रजिस्ट्रीकृत जचदकत्सा व्यवसायी के हस्ट्तािर स्ट्र्ान तारीख रर्टप्पण: यह अवधारण करने के जलए दक क्या उसके गभभ के बने रहने से गभभवती स्त्री के िारीररक अर्वा मानजसक स्ट्वास्ट््य को गंभीर िजत पहुंचेगी, उस स्त्री की वास्ट्तजवक या युजियुि पूवभ पररजस्ट्र्जतयों को ध्यान में रखा िाए । [फा. सं एम-12015/16/2021-एमसीएच] डॉ पारर्टबंडला अिोक बाबू, संयुि सजचव रर्टप्पण: गभभ का जचदकत्सीय समापन जनयम 2003, भारत के रािपत्र असाधारण भाग II, खंड 3, उपखंड (i) के अजधसूचना संख्यांक सा . का . जन . 485 (अ) में तारीख 13 िून, 2003 को प्रकाजित दकया गया र्ा। MINISTRY OF HEALTH AND FAMILY WELFARE NOTIFICATION New Delhi, the 12th October, 2021 G.S.R 730(E). — In exercise of the powers conferred by section 6 of the Medical Termination of Pregnancy Act, 1971 (34 of 1971), the Central Government hereby makes the following rules to amend the Medical Termination of Pregnancy Rules, 2003, namely:-