Bare ActsThe MEDICAL TERMINATION OF PREGNANCY ACT, 1971

Section 3

उि जनयमों के जनयम 3 के पश्चात्, जनम्नजलजखत जनयम अंतःस्ट्र्ाजपत दकए िाएंगे, अर्ाभत् :- “3क

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उि जनयमों के जनयम 3 के पश्चात्, जनम्नजलजखत जनयम अंतःस्ट्र्ाजपत दकए िाएंगे, अर्ाभत् :- “3क. जचदकत्सा बोडभ की िजियां और कृत्य – धारा 3 के प्रयोिनों के जलए, - (क) जचदकत्सा बोडभ की िजियां जनम्नजलजखत होंगी, अर्ाभत् :- सं. 588] नई दिल्ली, मंगलवार, अक् तूबर 12, 2021/ आज‍ वन 20, 1943 No. 588] NEW DELHI, TUESDAY, OCTOBER 12, 2021/ ASVINA 20, 1943 सी.जी.-डी.एल.-अ.-12102021-230390 CG-DL-E-12102021-230390 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (i) उि धारा की उपधारा (2ख) के अधीन, केवल सम्यक् जवचार करने के पश्चात् और यह सुजनजश्चत करने के पश्चात् दक गभभ की उस अवस्ट्र्ा में स्त्री के जलए प्रदिया सुरजित होगी तर्ा क्या भ्रूणीय जवकृजत का इसके िीवन के सार् असंगत होने का सारवान् िोजखम है या यदि जििु उत्पन्न होता है तो वह ऐसी िारीररक या मानजसक असामान्द्यताओं से पीज़ित हो सकता है जिससे वह गंभीर रूप से अिम हो, चौबीस सप्ताह की गभाभवजध के आगे गभभ का समापन अनुज्ञात करना या अस्ट्वीकार करना; (ii) बोडभ में अन्द्य जविेषज्ञों से सहयोग लेना तर्ा गभभ के समापन का जवजनश्चय करने के जलए, यदि अपेजित हो, अजतररि अन्द्वेषणों के जलए कहना; (ख) जचदकत्सा बोडभ के कृत्य जनम्नजलजखत होंगे, अर्ाभत् :- (i) स्त्री और उसकी ररपोर्टों का परीिण करना, िो धारा 3 की उपधारा (2ख) के अधीन गभभ के जचदकत्सीय समापन के जलए पहुंचे; (ii) धारा 3 की उपधारा (2ख) के अधीन गभभ के जचदकत्सीय समापन के जलए आवेिन प्राजप्त के तीन दिनों के भीतर गभभ के समापन या समापन के आवेिन को अस्ट्वीकृत करने के संबंध में प्ररुप घ में जचदकत्सा बोडभ की राय प्रिान करना; (iii) यह सुजनजश्चत करना दक समापन प्रदिया की िब जचदकत्सा बोडभ द्वारा सलाह िी िाए, तो वह धारा 3 की उपधारा (2ख) के अधीन गभभ के जचदकत्सीय समापन के जलए आवेिन की तारीख से पांच दिनों के भीतर समुजचत परामिभ के सार् सभी सुरिा पूवाभवधाजनयों के सार् की िाए । 3ख. चौबीस सप्ताह तक की गभाभवस्ट्र्ा के समापन के जलए पात्र जस्त्रयां – अजधजनयम की धारा 3 की उपधारा (2) के खंड (ख) के अधीन, चौबीस सप्ताह की अवजध हेतु गभाभवस्ट्र्ा के समापन के जलए जनम्नजलजखत प्रवगों की जस्त्रयों को पात्र समझा िाएगा, अर्ाभत् :- (क) यौन हमले या बलात्संग या कौर्टुजम्बक व्यजभचार के उत्तरिीवी; (ख) अल्पवय; (ग) गभाभवस्ट्र्ा के िौरान वैवाजहक प्राजस्ट्र्जत में पररवतभन (वैधव्य या जववाह-जवच्छेि); (घ) िारीररक अिमताओं वाली जस्त्रयां (दिव्यांगिन अजधकार अजधजनयम, 2016 (2016 का 49) के अधीन अजभकजर्त मानिंडों के अनुसार प्रमुख जनःििता); (ङ) मानजसक रूप से रुग्ण स्त्री जिसके अन्द्तगभत मानजसक मन्द्िता भी है; (च) भ्रूणीय जवकृजत का इसके िीवन के सार् असंगत होने का सारवान् िोजखम है या यदि जििु उत्पन्न होता है तो वह ऐसी िारीररक या मानजसक असामान्द्यताओं से पीज़ित हो सकता है जिससे वह गंभीर रूप से अिम हो; और (छ) मानवीय जस्ट्र्जतयों या आपिा या आकजस्ट्मकता की पररजस्ट्र्जतयों में गभाभवस्ट्र्ा वाली स्त्री, िैसा दक सरकार द्वारा घोजषत दकया िाए ।”।

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